मुख्यमंत्री की अधूरी मंशा और मंत्री जी की नाराजगी पर, कलेक्टर हुई सख्त मातहतों ने 2 दिन में डाली 13000 खातों में राशि
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
म.प्र.शिवपुरी। यूं तो नवागंत कलेक्टर के लिए शिवपुरी जिला समझने में अभी और समय लगेगा। मगर कार्य के प्रति लापरवाही बर्तने वाले मातहतों के प्रति उनके सख्त तेवरों
ने यह साफ कर दिया कि अच्छे कार्य करने वालों की सराहना होगी। वहीं कार्य में कोताही बर्तने वालों का वख्शा नहीं जायेगा।
ज्ञात हो कि गत दिनो कलेक्टर सभा कक्ष में म.प्र. शासन की खेल युवा कल्याण धार्मिक न्यास, धर्मस्य मंत्री श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया ने समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार गरीब आदिवासी के बच्चे, माताओं को कुपोषण से बचाने प्रतिमाह 1000 रुपये नगद राशि उनके खातों में डालनी थी। मगर घोषणा के 3 माह बाद भी चिन्हाकिंत खातों में राशि न पहुंचने को लेकर निरंतर शिकायतें मंत्री जी को प्राप्त हो रही थी। जिसको लेकर मंत्री ने बैठक के दौरान कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाही के निर्देश दिये थे। जिसको गम्भीरता से लेते हुए कलेक्टर ने अनुसूचित जाति, जनजाति के प्रभारी जिला संयोजक को सख्त हिदायत देते हुए तत्काल आदिवासी हितग्राहियों की राशि उनके खातों में पहुंचाने का टास्क दिया और समय सीमा में कार्य पूर्ण न होने पर सख्त कार्रवाही हिदायत भी दी। जैसी कि प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है।
परिणाम कि पूर्व में जनपदों को आवंटित राशि वापस लेते हुए जिला संयोजक ने आनन-फानन में विभागीय अमला लगा मात्र 2 दिन में लगभग 13000 खातों में राशि डालने का कार्य किया है। जब हमारे संवाददाता ने प्रभारी जिला संयोजक इस कार्रवाही की पुष्टि चाही तो उनका कहना था कि जिले में चिन्हाकिंत लगभग 33000 हितग्राहियों की समस्त राशि बैंक को जारी की चुकी है और जो समस्यायें हितग्राहियों द्वारा हमारी जानकारी में लाई जा रहा है उनके निदान का भी युद्ध स्तर पर प्रयास जारी है। हमारी कोशिश है कि जल्द ही समस्त चिन्हाकिंत हितग्राहियों की राशि उनके खातों में होगी।
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