भीख नहीं, भागीदारी से होगा, राष्ट्र्र-जन कल्याण सत्ता में हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करने मार्गदर्शित करेगा स्वराज लोकतांत्रिक मूल्य हमारी विरासत, इन्हें अक्षुणता रखना हमारा कत्र्तव्य
व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
कहते है कि उत्तम साध्य प्राप्ति में उचित साधन एवं निष्ठा पूर्ण, कर्तव्य, उत्तरदायित्व, निर्वहन में समझदार, सज्जनों की जवाबदेही कुछ अधिक होती है। खासकर तब की स्थिति में जब जीवन निर्वहन का ताना-बाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हामी हो, ऐसे में सज्जनों की सत्ता में सहभागिता अहम हो जाती है। इसलिए स्वराज शिक्षा, स्वास्थ्य, संसाधन, रोजगार के अलावा सत्ता में भी उन पीडि़त, वंचित, प्रियजन, सज्जनो की सहभागिता को अहम मानता है। जो अपने कर्तव्य, उत्तरदायित्व, जवाबदेहियों को लेकर सजग है। और अपनी समूची निष्ठा राष्ट्र व जन कल्याण निर्माण में रखते हैं और जिनकी संपूर्ण आस्था अपने नैसर्गिक लोकतांत्रिक जीवन मूल्यों में है।
क्योंकि जब तक सेवा, संसाधन, सत्ता में हर वर्ग के सज्जनों की सहभागिता सुनिश्चित नहीं हो जाती। तब तक सेवा कल्याण, निर्माण के नाम विभिन्न माध्यमों से सतत सत्ता हथियाने का क्रम भीख के सहारे चलता रहेगा। जवाबदेह, व्यक्ति, वर्ग, संस्था, संगठनों का सत्ता हासिल करने आलम यह है कि वह एन केन प्रकारेण गोलबंद कॉर्पोरेट कल्चर की तरह सत्ता पाना फिर उसका दोहन और बख्शीस के रुप में सेवा कल्याण की दुहाई दें, स्वयं की संस्था, संगठन, संस्थाओं का इकबाल बुलंद करने का दौर चल पड़ा हैं जो प्रकृति ही नहीं हमारे लोकतांत्रिक जीवन मूल्यों के विरुद्ध भी है। जिसमें ना तो राष्ट्र ना ही जनकल्याण के प्रमाण हैं, ना ही उसकी कोई प्रमाणिकता सिद्ध साबित होती है। इसीलिए स्वराज अब शिक्षा, स्वास्थ्य, संसाधन, रोजगार सहित पीडि़त, वंचित, गांव, गली, गरीब की सत्ता में सहभागिता सुनिश्चित करने अपने मार्गदर्शी कार्यक्रमों से प्रमाण और प्रमाणिकता सिद्ध करने का कार्यक्रम चलाएगा।

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