राफेल डील, भ्रष्टाचार, राष्ट्र के साथ विश्वासघात, षडय़ंत्र : सिंधिया मेरी सरकार में भ्रष्ट व भ्रष्टाचार को बख्शा नहीं जायेगा


वीरेन्द्र भुल्ले 
विलेज टाइम्स समाचार सेवा। 
म.प्र. शिवपुरी। म.प्र. की बेमिशाल सरकार और सड़कों को तो आप साढ़े चौदह वर्ष से देख रहे है इसलिए म.प्र. की भाजपा व शिवराज सरकार की अब विदाई का वक्त है। सो वह यात्राओं, मंचों से जनआर्शीवाद के बहाने सेवा कल्याण के नाम कितना ही झूठ और कॉग्रेस पर कितने ही आरोप लगाए। मगर अब म.प्र. की महान जनता भाजपा व शिव सरकार की विदाई का मन बना चुकी है। 
राफेल जहाज डील को लेकर नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली रा.ज.ग. सरकार पर आरोप लगाते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री व म.प्र. में कॉग्रेस चुनाव संचालन समिति केे प्रदेश संयोजक ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि राफेल जहाज डील का सच फ्रान्स के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांसुआ के ओलांद के दावे से देश के सामने है। जिसमें कहा गया है कि राफेल डील के लिए भारत ने सिर्फ अनिल अंबानी की कम्पनी, रिलांयस डिफेंस का नाम ही दिया था। जैसा कि बेबसाईट, मीडिया पार्ट ने एक इन्टरव्यू में ओलांद के हवाले से लिखा है। हमारे हाथ में कुछ नहीं था........ भारत सरकार ने इस सर्विस गु्रप के नाम का प्रस्ताव दिया था और डेसो ने (अनिल) अंबानी ग्रुप के साथ निगोशिष्ट किया। हमारे पास कोई ऑपशन नहीं था हमने वहीं पार्टनर चुना जो हमें दिया गया था। 
देखा जाये तो यह भाजपा सरकार का भ्रष्टाचार ही नहीं देश के साथ षडय़ंत्र, विश्वासघात है। यूपीए सरकार ने 67000 करोड़ रुपये से 126 राफेल जहाज खरीदने का समझौता किया था। जिसे केन्द्र की मोदी सरकार ने बदलकर 65000 करोड़ में मात्र 36 राफेल का सौदा किया है। कॉग्रेस की यूपीए सरकार ने हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स का नाम दिया था। जबकि भाजपा की एनडीए ने बदल रिलायंस डिफेंस का नाम दिया। जिसे स्पष्ट है कि राफेल सौंदे में कितना बड़ा गड़बड़ घोटाला हुआ है। भ्रष्टाचार जैसे संवेदनशील विषय पर सिंधिया ने कहा कि उनकी सरकार में भ्रष्टाचार को कोई स्थान नहीं होगा। बल्कि भ्रष्ट व भ्रष्टाचार से सख्ती से निवटा जायेगा। जिसके सफाये की शुरुआत ऊपर व निचले दोनो स्तर से की जायेगी। 
चुनावों के दौरान अन्य दलों से बंधन, गठबंधन व टिकट वितरण पर सिंधिया ने कहा कि चर्चाओं का क्रम चल रहा है। समय आने पर टिकट या अन्य दलों से बात का सच स्वत: सामने आ जायेगा। मगर जब तक आलाकमान एक-एक टिकट की विस्तृत समीक्षा नहीं कर लेते तब तक टिकट के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। 

Comments

Popular posts from this blog

खण्ड खण्ड असतित्व का अखण्ड आधार

संविधान से विमुख सत्तायें, स्वराज में बड़ी बाधा सत्ताओं का सर्वोच्च समर्पण व आस्था अहम: व्ही.एस.भुल्ले

श्राफ भोगता समृद्ध भूभाग गौ-पालन सिर्फ आध्यात्म नहीं बल्कि मानव जीवन से जुडा सिद्धान्तः व्यवहारिक विज्ञान है अमृतदायिनी के निस्वार्थ, निष्ठापूर्ण कत्र्तव्य निर्वहन, त्याग तपस्या का तिरस्कार, अपमान पडा भारी जघन्य अन्याय, अत्याचार का दंश भोगती भ्रमित मानव सभ्यता