आत्मविश्वास से लवरेज राहुल बरसे मोदी,शिवराज सरकार पर लोगों के अभिवादन के साथ मंदिर, मजिस्द, गुरुद्वारे में टेका मत्था अपार भीड़ देख सिंधिया हुए गदगद


विलेज टाइम्स समाचार सेवा। 
यूं तो राहुल का दो दिवसीय ग्वालियर-चंबल का दौरा चुनावी था। मगर इसका भरपूर उपयोग राहुल गांधी ने जहां सदभाव व एकता के लिए मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा पहुंच किया। वहीं अपार भीड़ के बीच आत्मविश्वास से लबरेज राहुल ने मंचों का उपयोग मोदी व शिवराज सरकार पर जबरदस्त सटीक हमलों के रुप में किया। रोड शो और आमसभाओं में जुटी अपार भीड़ को देख जहां म.प्र. चुनाव अभियान समिति के संयोजक एवं इसीसी के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया गदगद नजर आए। वहीं रोड शो के दौरान वह प्रभावी नेताओं की राहुल से मुलाकात कराने से भी नहीं चूके। मगर जिस तरह से बड़े-बड़े समाचार पत्रों को कॉग्रेस ने तरजीह दी और छोटे मझोले समाचार पत्रों की उपेक्षा कि वह भी किसी से छिपा नहीं। 
पत्रकारों को राहुल के इस दौरे से उम्मीद थी कि वह इस मौके का उपयोग अपनी बात उनके बीच रखने में कामयाब होगें। जो उन्हें सुनना, समझना और अपने समाचार संचार माध्यमों से लोगों तक पहुंचाना चाहते है। मगर प्रदेश कॉग्रेस के मीडिया प्रबंधन ने ऐसा होने नहीं दिया। जिसकी जबरदस्त प्रतिक्रिया संभाग भर के ग्वालियर पहुंचे मीडिया के बीच देखने सुनने मिली। ये अलग बात है कि अपनी सभाओं में राहुल गांधी ने बेरोजगार, किसानों के बीच प्रभावी बादे कर, तालियां बटोरी तो वहीं वह राफेल से लेकर मोदी चौकसी और विजयमाल्या सहित गब्बर सिंह टेक्स सहित व्यापम घोटाले की चर्चा करने से नहीं चूके। इस मौके पर उनके साथ सिंधिया के अलावा प्रदेश कॉग्रेस सदर कमलनाथ, कान्तीलाल भूरिया, प्रदेश प्रभारी सहित कई वरिष्ठ कॉग्रेसी मौजूद रहे। 
बहरहाल जिस तरह का कॉग्रेस प्रबंधन दिल्ली से लेकर म.प्र. में राहुल की यात्रा को लेकर चल रहा है। उसे देखकर लगता है कि या तो कॉग्रेस के पास जमीनी समझ वाले थिंकटेक प्रबंधक नहीं या फिर यह कॉग्रेस का दुर्भाग्य कि कॉग्रेस आलाकमान के दौरे से जो जन लगाव लोगों में पैदा हो रहा है। वह उसे सहज पाने में सक्षम नहीं। देखना होगा जड़ विहीन रणनीतिकार आखिरकार कॉग्रेस को किस रणनीत के तहत म.प्र. में पुन: स्थापित कर पाते है। 

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