्गले मिले, मगर दिल नहीं मिल सके सत्याग्रहियों का जत्था पैदल दिल्ली रवाना मुरैना होगा पहला पड़ाव
व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
सरकारों की बादा खिलाफी से हलाक एकता परिषद के सत्याग्रहियों का काफिला 3 अक्टूबर से ढेरा डाल ग्वालियर से आज दिल्ली की ओर कूच कर गया। ज्ञात हो कि इस सत्याग्रह में लगभग 25 हजार लोगों के रहने की संभावना है। दिल्ली कूच करने से पूर्व सत्याग्रहियों को समझाने पहुंचे म.प्र. के मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को अपने मंच से बताया तथा भविष्य में और प्रभावी क्रियान्वयन का भरोसा दिलाया। मगर सरकार की बादा खिलाफी से परेशान सत्याग्रहियों को संतोष नहीं हुआ और वह 4 अक्टूबर को सुबह 9 बजे दिल्ली की ओर कूच कर गए। जहां उनका पहला पड़ाव मुरैना होगा। जहां कॉग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तथा म.प्र. चुनाव केम्पेन कमेटी के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया के भी रैली में शामिल होने की संभावना है। इससे पूर्व एकता परिषद के प्रमुख संस्थापक राजगोपाल पी.व्ही ने एकता परिषद की प्रमुख पांच मांगों को मंच से रखा। जिसमें राष्ट्रीय भूमि सुधार परिसर के माध्यम से भूमि सुधार लागू करे। दूसरा राष्ट्रीय आवास के भूमि सुधार कानून 2003 का क्रियान्वयन करे। तीसरा राष्ट्रीय भूमि सुधार नीति 2013 का क्रियरन्वयन किया जाये। चौथा वनाधिकार कानून 2006 को लागू करने के लिए स्पष्ट कार्य योजना बनाई जाये। पांचवा भूमि समस्या के लिए कानूनी सहायता केन्द्र बनाए जाए। छठवां पंचायत विस्तार उपबंध अधिनियम 1996 को सही रुप में लागू करें। सातवां भूमि अधिग्रहण अध्यादेश 2014 के प्रावधान किसान को भूमिहीन बनाने वाले है। इसे किसान, मजदूर, समर्थक बनाए जाये।
हालांकि एकता परिषद के संस्थापक राजगोपाल ने कहा कि 2012 और 2007 में जनआंन्दोलन यात्रा हुई कि तब भी मुख्यमंत्री हमारे साथ खड़े थे। हम चाहते है कि इस मर्तवा भी केन्द्र सरकार से आप मध्यास्त: मुख्यमंत्री करे। देखना होगा कि केन्द्र सरकार और राज्य सरकार इस अहम मसले पर क्या रुख अपनाती है फिलहाल सत्याग्रहियों की यात्रा शुरु हो चुकी है।
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