राहुल को साबित, स्थापित करने का सही वक्त सिंधिया सचिन के नाम सीधे संभालना होगी म.प्र., राजस्थान की कमान


वीरेन्द्र शर्मा
विलेज टाइम्स समाचार सेवा। 
लोकसभा चुनाव 2019 व विधानसभा चुनाव 2018 के मद्देनजर कॉग्रेस आलाकमान राहुल गांधी को स्वयं को साबित व स्थापित करने म.प्र. व राजस्थान में कॉग्रेस मुख्यमंत्रियों के रुप में सिंधिया व सचिन के नाम की घोषणा कर, स्वयं संभालना होगी सीधे कमान। 
क्योंकि जिस तरह से म.प्र. में ज्योतिरादित्य सिंधिया व राजस्थान में सचिन पायलट की लोकप्रियता जनता के बीच आसमान छू रही है और राहुल गांधी के नेतृत्व में कॉग्रेस कार्यकर्ताओं में ऊर्जा बड़ी है। उससे उत्साहित जनाकांक्षाऐं जिन्हें टी.व्ही. चैनलों के सर्वे व आम चर्चा में देखा सुना जा सकता है। मगर दुर्भाग्य कि दोनों राज्यों में कॉग्रेस में बायोवृद्ध हो चुके नेताओं के बीच छिड़ी गुटीय जंग से कॉग्रेस को निजात नहीं मिल पा रही। जो अब टिकट वितरण की जंग में तब्दील हो चुकी है। 
अगर ऐसे में अपने चितपरिचित अंदाज के लिए भारतीय राजनीति में जाने-जाने राहुल गांधी, सिंधिया व सचिन के चेहरे को बतौर मुख्यमंत्री घोषित करने में कामयाब हो जाते है और वरिष्ठ कॉग्रेसियों को यह समझाने में सफल हो जाते है कि कॉग्रेस ने जीवन पर्यन्त आप लोगों को कॉग्रेस की और आम जन की सेवा का पर्याप्त अवसर दिया है और टिकट वितरण में भी सभी का मान-सम्मान का ख्याल रखा जायेगा। मगर सबसे पहले कार्यकर्ता आम जन की आशा-आकांक्षाओं का सम्मान किया जायेगा। क्योंकि कार्यकर्ता और जनता की आकांक्षाओं से बढ़कर न तो नेता हो सकता, न ही कोई संगठन। 
देखना होगा कि करो या मरो की स्थिति में जा पहुंची कॉग्रेस व जनाकांक्षाओं के कॉग्रेस के पक्ष में बने सैलाब को कितनी समझदारी से वह कॉग्रेस के पक्ष में कर पाते है। यह उनके राजनैतिक जीवन की सबसे बड़ी सफलता भी होगी और उनकी व्यक्तिगत सक्षमता भी जो 2019 में उनके भविष्य के लिए अहम होगें। 

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