दबे पैर, पैर जमाने में जुटा सपाक्स


वीरेन्द्र शर्मा 
विलेज टाइम्स समाचार सेवा। 
जिस न्याय की लड़ाई को लेकर सपाक्स सियासी मैदान में उतरने की पूरी तैयारी कर चुका है। भले ही उसके न्याय के मंसूबों को कुचलने राजनैतिक दल सक्रिय नजर न आते हो। मगर इतना तो तय है कि अगर चिंगारी लगी है तो आग तो कहीं न कहीं भड़कना तय है। अब इस आग में किसके सपने किसके मंसूबे इस सियासी संग्राम में खाक होगें यह तो भविष्य के गर्भ में है। मगर जिस फॉरमूले को लेकर सपाक्स चल रहा है अगर वह उसमें रत्तीभर भी सफल हुआ तो सियासी अंखाड़ों के चूलें हिलना तय है। फिलहाल तो सपाक्स दबे पैर अपनी चौसर जमाने में जुटी है। देखना होगा कि समय परिस्थिति अनुसार पांसे किसके पक्ष में पड़ते है। 

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