सामाजिक न्याय समतामूलक व्यवस्था की खातिर तीसरी यात्रा सत्य का सड़क पर आग्रह


व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा। 
एकता परिषद के बैनर तले 27 राज्यों के लगभग 25000 सत्याग्रही ग्वालियर से 28 दिन में 330 कि.मी. की पैदल यात्रा कर, दिल्ली पहुंचेगें। जहां वह भूमि सुधार के लिए भूमि संसद करेगें। जन आन्दोलन 2018 के नाम यात्रा का पहला पड़ाव 6 अक्टूबर को मुरैना म.प्र. में होगा। 
ज्ञात हो एकता परिषद के संस्थापक राजगोपाल पी.व्ही. 2006 तथा 2012 में भूमि सुधार को लेकर जन सत्याग्रह कर चुके है। मगर आवास, भूमिहीनों के साथ न्यायपूर्ण नीति के न होने के कारण पुन: 2018 जन आन्दोलन के नाम से यह पैदल यात्रा दिल्ली तक हो रही है। 
जिसको 3 अक्टूबर को प्रसिद्ध गांधीवादी एस.एन. सुब्बाराव, एकता परिषद के संस्थापक और जन आन्दोलन के नायक राजगोपाल पी.व्ही. सहित म.प्र. के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी सम्बोधित किया। वहीं 6 अक्टूबर को कॉग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी व पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के भी यात्रा में शामिल हो, सम्बोधित करने की संभावना है। 
ये अलग बात है कि जन आन्दोलन सत्याग्रह यात्रा ग्वालियर से कूच कर चुकी है। देखना होगा कि केन्द्र सरकार इस आन्दोलन को कैसे लेती है। जबकि एकता परिषद के संस्थापक यह ऐलान कर चुके है कि वह बगैर मांगों पर सन्तुष्ट हुए रुकने वाले नहीं। इस बीच उन्होंने सरकार के साथ संवाद का रास्ता भी खोल रखा है। जिससे राष्ट्रीय आवास, भूमि सुधार, वनाधिकार कानून 2006, पंचायत समाधान सहायता केन्द्र भूमि अधिग्रहण 2014 पर समाधान खोज स्थाई हल निकाला जा सके। 

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