सरदर्द बनती सभाऐं
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
हालिया दौर में ऐन चुनाव से पूर्व चोटी के जननायक की सभा में जुटी भीड़ को लेकर चर्चाए बड़ी ही सरगर्म है। अगर संदेह पर यकीन करें तो सरदर्द है और हकीकत है तो यह शुभसंकेत नहीं। मगर सियासत का क्या ? जो अहम मुद्दों को विसार कर भी मुकाम तक पहुंचने की हामी रही है। देखना होगा कि अभी तो शुरूआत है आगे-आगे होता है क्या, यह समझने वाली बात है ?
हालिया दौर में ऐन चुनाव से पूर्व चोटी के जननायक की सभा में जुटी भीड़ को लेकर चर्चाए बड़ी ही सरगर्म है। अगर संदेह पर यकीन करें तो सरदर्द है और हकीकत है तो यह शुभसंकेत नहीं। मगर सियासत का क्या ? जो अहम मुद्दों को विसार कर भी मुकाम तक पहुंचने की हामी रही है। देखना होगा कि अभी तो शुरूआत है आगे-आगे होता है क्या, यह समझने वाली बात है ?

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