तेज हुआ जनसंपर्क समर्थकों ने सम्हाली कमान अच्छे-सच्चे समर्पित, सेवाभावी, जनप्रतिनिधियों की दरकार


विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
म.प्र. शिवपुरी। जैसे-जैसे म.प्र. में मतदान की तारीख 28 नवम्बर नजदीक आ रही है कि बैसे-बैसे आका-आकांक्षाओं का सैलाब आम मतदाता के बीच सर चढ़कर बोलने लगा है। तो वहीं दूसरी ओर तेज जनसंपर्क के बीच अच्छे-सच्चे समर्पित, सेवाभावी प्रत्याशियों की तलाश तेज हो गई है। मगर अपने खुशहाल, समृद्ध, जीवन से जुड़े सवालों के साथ मतदान से पूर्व काफी सजग और जागरूक नजर आ रहा है। 
तो वहीं निष्पक्ष चुनाव की मंशा के मद्देनजर शान्तिपूर्ण निर्वाचन के लिए, निर्वाचन आयोग ने अपनी व्यवस्थाऐं मुस्तैद कर दी है। साथ ही आयोग ने यह भी मंशा साफ कर दी है कि कर्मचारी अपने कार्य को पूरी मुस्तैदी के साथ करें। गड़बड़ी करने वालों को किसी भी हालत में वख्शा नहीं जायेगा। जहां निर्वाचन आयोग निष्पक्ष, शान्तिपूर्ण मतदान को लेकर गंभीर है, तो वहीं विभिन्न प्रत्याशियों के दल, समर्थक अघोषित रूप से कहीं जाति, धर्म तो कहींे प्रबंधन, प्रलोभन की ध्वजा-पताका लगा मैदानी जंग में किला फतह करने कूद पड़े है। मगर आम मतदाता जिस तरह से सृजनात्मक शिक्षा, सहज, स्वास्थ, सेवा, शुद्ध पेयजल, रोजगार को लेकर गंभीर है। उसे देखकर लगता है कि जिस तरह से सियासी दलों के बीच अहम मुद्दों को विसार जुबानी जंग चल रही है और तथाकथित मीडिया के माध्यम से भ्रम फैलाने की कोशिश हो रही है। 
ऐसे में मतदाताओं के रूक को देखते हुए नहीं लगता कि सियासी दलों का भ्रामक प्रचार, भाषण और प्रलोभन से परिपूर्ण वचन, दृष्टि पत्र, घोषणा पत्र अपनी सार्थकता सिद्ध करने वाले है। अगर परिमाण अप्रत्याशित हो, तो किसी को अतिसंयोक्ति नहीं होना चाहिए। 

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