संभावना की विसात पर अप्रत्याशित परिणामों का संदेह, रोचक हो सकता है मुकाबला
वीरेन्द्र शर्मा
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
सारे प्रायोजित मुद्दों को विसार जिस तरह से आम मतदाता के बीच सेवा कल्याण को लेकर आक्रोश व्याप्त है। इसका खुलासा तो 12 दिसंबर को ही हो सकेगा। मगर जिस तरह का उत्साह मतदान को लेकर गांव, गली, गरीब, मजबूर, किसान और वेतन भोगी कर्मचारियों के बीच जान पड़ता है उससे अप्रत्याशित परिणामों की संभावना काफी प्रबल होती जा रही है। बगैर किसी लहर प्रायोजित मुद्दों से इतर जिस तरह से रोजगार सस्ती सृजनात्मक शिक्षा, स्वास्थ सेवा सहित सुशासन लोगों की चर्चा के केन्द्र में है उनके मद्देनजर किसी भी प्रकार के दावे प्रति दावे हास्यपद ही कहे जा सकते है। क्योंकि फिलहाल की स्थिति में आम मतदाता मतदान को लेकर उत्साहित तो है। मगर सायलेन्ट मोड पर है। देखना होगा प्रमाण, परिणाम, अनुभूति के बीच समृद्ध, खुशहाल जीवन की आशा-आकांक्षाओं के बीच 12 दिसंबर को सर्वाधिक मतदान किसके पक्ष या विपक्ष में नजर आता है।
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