जीत का मुगालता पालने वालो को मुश्किल होगी जीत
वीरेन्द्र शर्मा
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
अभी तो फिलहाल टिकट जाने पाने या गवाने वालो का दौड़ खत्म हुई है। मगर जीत का मुगालता तो सभी नामांकन जमा करने वाले प्रत्याशियों को है। कोई अपने दलों की सहमति से तो कुछ बागी है। तो कुछ निर्दलीय ही भाग्य आजमा रहे है। शिवपुरी की 5 विधानसभा शिवपुरी, पोहरी, करैरा, पिछोर, कोलारस पर गत चुनावों में शिवपुरी, पोहरी में भाजपा तो करैरा, पिछोर, कोलारस में काॅग्रेस का कब्जा था। अब जहां 2018 के लिए नामांकन हो चुका है नामांकन वापसी पश्चात वोट डलना, परिणाम आना शेष है। ऐसे में भाग्य आजमा रहे लोगों के बीच कुछ सवाल होना तय है। जो परिणामों को हवा देने में अहम होगें। जैसे रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ, शुद्ध पेयजल और सेवा। जहां तक पोहरी का सवाल है तो यहां दो बार के भाजपा विधायक तीसरी मर्तवा मैदान में है तो उन्हीं के दल के दो बागी मैदान में है। वहीं सामाजिक समीकरण भी बगावती स्वर में है।
रहा सवाल शिवपुरी का तो यह सीट भी विगत 25 वर्षो से भाजपा की ही झोली में है। मगर इस मर्तवा काॅग्रेस ने बिल्कुल युवा प्रत्याशी उतार नया दाव खेला है। रहा सवाल करैरा, का तो यहां भी काॅग्रेस में पुराने विधायक का टिकट काट नये व्यक्ति को मौका दिया है। तो भाजपा ने भी युवा चेहरा ही प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में भाजपा छोड़ सपाक्स का दामन थामने वाले पूर्व विधायक व सपाक्स प्रत्याशी की उपस्थिति ने नई चर्चाओं को जन्म दिया है। सबसे अहम मुकाबले की ओर बढ़ते पिछोर मे 25 वर्ष से कब्जा जमाने बैठी काॅग्रेस के आगे भाजपा ने पूर्व प्रत्याशी पर विश्वास व्यक्त किया है। तो वहीं बसपा ने भी अपना दमदार प्रत्याशी मैदान में उतारा है। कोलारस उपचुनाव में सिम्पैथी के बावजूद कम वोटों से जीत हासिल करने वाले विधायक पर ही काॅग्र्रेस ने विश्वास व्यक्त किया है तो भाजपा ने काफी मशक्कत के बावजूद काॅग्रेस से भाजपा में आए पूर्व विधायक को चुनाव लड़ने का मौका दिया है।
अगर 5 सीटों पर वोटों का ध्रवीकरण या सामाजिक प्रभाव बढ़ा और अहम मुद्दे हावी रहे तो परिणाम अप्रत्याशित हो तो कोई अति संयोक्ति न होगी। क्योंकि जिस तरह से माहौल जीत-हार को लेकर आगे बढ़ रहा है। उसमें किसी भी प्रकार की संभावना बैमानी होगी। मगर प्रारंभिक दृश्य जो सामने है अगर यो कहे कि इस चुनाव में जीत के मुगालते पालने वालो को यह चुनाव बड़ा ही मुश्किल रहने वाला है तो अतिसंयोक्ति न होगी।
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