समर्थ, सक्षम नेता की विदाई से सनाके में सियासत चैकीदार बनेगें शिवराज

व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा। 
अपेक्षित सफलता न मिलने के लिए शिवराज ही जिम्मेदार है यह बात भले ही शिवराज कह चुके हो, तो वहीं म.प्र. की चैकीदारी करने का मन भी वह बना चुके हो। मगर यहां यक्ष सवाल आज यह है कि थोकबन्द, लोककल्याणकारी सेवाभावी, अधोसंरचना निर्माण मुखी योजनाओें की झड़ी लगाने वाली सत्ता को क्यों सत्ता से बाहर होना पड़ा। क्यों म.प्र. के सक्षम, समर्थ नेता को सिहासन छोड़ चैकीदार बनना पड़ा।
कारण साफ है कि सत्ता के सार्गिदों का अहम, अहंकार और बैलगाम भ्रष्टाचार सहित रोजगार, सहज, रोजगार उन्मुखी संसाधनों का आभाव रहा हो। बहरहाल हार की समीक्षा तो शायद अवश्य होगी। मगर वह शख्सियत जो देश में एक बड़े नेतृत्व की साक्षी हो सकती थी वह फिलहाल सत्ता से दूर हो चुकी है। ऐसे में किसी को यह संदेह नहीं होना चाहिए कि म.प्र. ही नहीं देश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले इस नेता की कहां चूक रही जो उसकी फलती-फूलती सत्ता को यह दिन देखना पड़ा। अब यह गऊ माता का श्राफ है या सियासत यह तो आने वाला समय ही तय करेगा। 

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