किसान और गौ संरक्षण, सरकार के सामने, बड़ी चुनौती सार्थक पहल से अनभिज्ञ सत्ताधारी दल

व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा। 
भले ही कर्ज माफी के ऐलान से फाॅरी तौर पर पीड़ित, वंचित, प्रताड़ित किसानों को राहत की आस बंधी हो। क्योंकि किसान तो वोटर है और गौवंश बेजुबान। मगर उन बेजुबान का क्या, जो आज भी अपना सबकुछ छिन जाने के बावजूद भी अपनी व्यथा सुनाने बैवस और अपने हक के मोहताज है। 
ये अलग बात है कि सत्ताधारी दल के वचन पत्र में गौवंश का स्थान है। जिसमें हर ग्राम पंचायत में गौशाला खोलने का सरकार का विचार है। जिस गौवंश के श्राफ से समस्त भारत भूमि कांपती नहीं थकती, उस गौवंश पर सरकार का संज्ञान निश्चित ही सराहनीय कदम कहा जायेगा। बहरहाल जो भी हो, अगर किसान और इन महान गौवंश बेजुबान के साथ न्याय नहीं हुआ तो परिणाम सुनिश्चित है। जो 2019 में सार्थक भी होंगंे और सफल भी। यह म.प्र. की सरकार और काॅग्रेस को समझने वाली बात है। 

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