तीन राज्यों में, प्रमाणिक प्रदर्शन, तय करेगा, राहुल का भाग्य 30 दिन में साबित करनी होगी राहुल को सत्ता की सिद्धता
व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
जिस तरह से राहुल ने अपने एक्सक्लूसिव इन्टरव्यू में 2019 के संभावित चुनाव परिणामों पर संभावना व्यक्त की है और राष्ट्र, जन से जुड़े अहम मुद्दों पर संज्ञान लिया है। राफेल सहित भ्रष्टाचार, रोजगार, सस्ती शिक्षा, स्वास्थ सेवा, किसान जैसे मुद्दों को आगे रखा है। अगर वह मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान जैसे बड़े राज्यों मेंजहां काॅग्रेस ने लम्बे वनवास के बाद जीत दर्ज कर सत्ता में वापसी की है। अगर एक माह के अन्दर इन तीनो राज्यों में राहुल स्वराज के रास्ते स्वयं की सिद्धता साबित करने में सफल हुए तो उनके लिए 2019 का रास्ता काफी सहज होगा, जिसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए।
मगर यह तभी संभव है जब राहुल स्वराज के रास्ते मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में लोगों की समृद्धि, खुशहाली के लिए अविलम्ब पहल कर, लोगों की आशा-आकांक्षा अनुरूप अपने कत्र्तव्य और जबावदेही का निर्वहन करें। क्योंकि जिस तरह की शुरूआत नई सत्ताओं ने तीनों प्रदेशों में की है लोकसभा चुनाव से पूर्व इन पहलो से बहुत कुछ होने वाला नहीं। देखना होगा कि राहुल जिस नये जोश और अन्दाज में देश को आशान्वित कर निदान के उपाये सुझा रहे वह उन्हें कितना कारगार और मूर्तरूप दे पाते है। यह देखने और समझने वाली बात होगी।
जय स्वराज
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
जिस तरह से राहुल ने अपने एक्सक्लूसिव इन्टरव्यू में 2019 के संभावित चुनाव परिणामों पर संभावना व्यक्त की है और राष्ट्र, जन से जुड़े अहम मुद्दों पर संज्ञान लिया है। राफेल सहित भ्रष्टाचार, रोजगार, सस्ती शिक्षा, स्वास्थ सेवा, किसान जैसे मुद्दों को आगे रखा है। अगर वह मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान जैसे बड़े राज्यों मेंजहां काॅग्रेस ने लम्बे वनवास के बाद जीत दर्ज कर सत्ता में वापसी की है। अगर एक माह के अन्दर इन तीनो राज्यों में राहुल स्वराज के रास्ते स्वयं की सिद्धता साबित करने में सफल हुए तो उनके लिए 2019 का रास्ता काफी सहज होगा, जिसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए।
मगर यह तभी संभव है जब राहुल स्वराज के रास्ते मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में लोगों की समृद्धि, खुशहाली के लिए अविलम्ब पहल कर, लोगों की आशा-आकांक्षा अनुरूप अपने कत्र्तव्य और जबावदेही का निर्वहन करें। क्योंकि जिस तरह की शुरूआत नई सत्ताओं ने तीनों प्रदेशों में की है लोकसभा चुनाव से पूर्व इन पहलो से बहुत कुछ होने वाला नहीं। देखना होगा कि राहुल जिस नये जोश और अन्दाज में देश को आशान्वित कर निदान के उपाये सुझा रहे वह उन्हें कितना कारगार और मूर्तरूप दे पाते है। यह देखने और समझने वाली बात होगी।
जय स्वराज

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