छत्रप नेताओं के बीच उमड़ता प्रदेश प्रेम


वीरेन्द्र शर्मा
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  
जिस तरह की उथल-पुथल वर्तमान राजनैतिक हालातों के चलते म.प्र., राजस्थान के कद्दावर नेताओं के बीच मची है और उनके बीच जिस तरह का प्रदेश प्रेम देखा जा रहा है उसकी चर्चा सियासी गलियारों या मीडिया में भले ही व्यापक तौर पर न हो, मगर म.प्र., राजस्थान के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के व्यान इस बात के गवाह है कि कहीं न कहीं सियासी हांडी में कुछ तो पक रहा है। जिस तरह से म.प्र. के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान और राजस्थान की मुख्यमंत्री अपनी-अपनी स्थिति तल्ख अन्दाज में स्पष्ट कर चुके है। वह काबिले गौर है। जिस तरह से म.प्र. में शिवराज सिंह ने, म.प्र. न छोड़ने की घोषणा कर रखी है और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री बसुन्धरा राजे साफ कर चुकी है कि वह राजस्थान में डोली में आयी थी और अब अर्थी पर ही राजस्थान से बाहर जायेगीं। मगर इस सबसे इतर जिस तरह से काॅग्रेस के कद्दावर नेता जिनकों सामने रखकर म.प्र. का विधानसभा चुनाव हुआ और जिस तरह से विपक्षी दलों ने सिंधिया पर हमला बोलते हुए प्रचार किया। उनके अचानक उत्तरप्रदेश प्रभारी बनाए जाने पर कई यक्ष सवाल सियासी गलियारों में फिलहाल यक्ष है। मगर देखना होगा कि अपनी नई जबावदेही पर सिंधिया कब चुप्पी तोड़ते है। 

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