सेवा, सत्याग्रह को साथ देख, षड़यंत्रकारी सियासत में भूचाल
वीरेन्द्र शर्मा
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
जिस तरह से पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज के बीच पूर्व मुख्यमंत्री के निवास पर भेंट हुई है तब से म.प्र. में अघोषित रूप से स्थापित हो रही षड़यंत्रकारी, सियासत में सनाका खिचा है और सियासी गलियारों में कई सियासी सवाल खड़े हो गए है।
ये अलब बात है कि म.प्र. के मुख्यमंत्री पहले ही म.प्र. न छोड़ने की घोषणा कर चुके है वहीं आनन-फानन में पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया को उ.प्र. का प्रभारी बनाया गया है। बहरहाल म.प्र. के दोनों ही कद्दावर नेताओं की मुलाकात के बाद चुप्पी कई सवालों को जन्म देते नहीं थकती। जिन्हें आज म.प्र. की राजनीति में सेवा सत्याग्रह के नाम से जाना जाता है।
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
जिस तरह से पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज के बीच पूर्व मुख्यमंत्री के निवास पर भेंट हुई है तब से म.प्र. में अघोषित रूप से स्थापित हो रही षड़यंत्रकारी, सियासत में सनाका खिचा है और सियासी गलियारों में कई सियासी सवाल खड़े हो गए है। ये अलब बात है कि म.प्र. के मुख्यमंत्री पहले ही म.प्र. न छोड़ने की घोषणा कर चुके है वहीं आनन-फानन में पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया को उ.प्र. का प्रभारी बनाया गया है। बहरहाल म.प्र. के दोनों ही कद्दावर नेताओं की मुलाकात के बाद चुप्पी कई सवालों को जन्म देते नहीं थकती। जिन्हें आज म.प्र. की राजनीति में सेवा सत्याग्रह के नाम से जाना जाता है।
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