आदिवासियों की बददुआ से कैसे बचेगी नई सरकार
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
जिस तरह से षड़यंत्र पूर्ण ढंग से आदिवासियों को विगत 15 वर्षो में भूमिहीन किया गया है वह काॅग्रेस की नई सरकार को शर्मनाक और दर्दनाक होना चाहिए। म.प्र. के शिवपुरी जिले के ककरवाया में पट्टे में मिली या आदिवासियों की भूमि का जिस तरह से खरीद फरोत पर बंदरबांट हुआ है वह काबिले गौर है। जिन आदिवासियों के वोटों के दम पर काॅग्रेस सरकार आज सत्ता में है, कम से कम उस सरकार को आदिवासियों के जीवन से जुड़े इस अहम मुद्दे पर संज्ञान अवश्य लेना चाहिए।
अगर काॅग्रेस सरकार ककरवाय में बड़े पैमाने हुई आदिवासियों की जमीनों की खरीद पर संज्ञान लें, दूध का दूध और पानी का पानी करती है, तो ऐसे कई मामले प्रकाश में आएंगें जो किसी भी समाज में उचित नहीं कहा जा सकता।
जिस तरह से षड़यंत्र पूर्ण ढंग से आदिवासियों को विगत 15 वर्षो में भूमिहीन किया गया है वह काॅग्रेस की नई सरकार को शर्मनाक और दर्दनाक होना चाहिए। म.प्र. के शिवपुरी जिले के ककरवाया में पट्टे में मिली या आदिवासियों की भूमि का जिस तरह से खरीद फरोत पर बंदरबांट हुआ है वह काबिले गौर है। जिन आदिवासियों के वोटों के दम पर काॅग्रेस सरकार आज सत्ता में है, कम से कम उस सरकार को आदिवासियों के जीवन से जुड़े इस अहम मुद्दे पर संज्ञान अवश्य लेना चाहिए। अगर काॅग्रेस सरकार ककरवाय में बड़े पैमाने हुई आदिवासियों की जमीनों की खरीद पर संज्ञान लें, दूध का दूध और पानी का पानी करती है, तो ऐसे कई मामले प्रकाश में आएंगें जो किसी भी समाज में उचित नहीं कहा जा सकता।
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