अवैध काॅलोनियों के नाम, अवैधानिक उगाही कत्र्तव्य विहीन नगरपालिका
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
जिस तरह से आये दिन अवैध काॅलोनियों आवाद हो रही है या हो चुकी है वह इस बात का संकेत है कि न तो कत्र्तव्य निर्वहन हुआ न ही जबावदेही तय हो सकी। ऐसे में पीएम के सपने व नई सरकार केे सपने को नपा का व्यवहार पलीता लगाने काफी है।
बेहतर हो कि नवगठित सरकार आम पीड़ित, वंचितों से जुड़े मुद्दों पर संज्ञान लें। पहले तो जिम्मेदार विभाग अतिक्रमाक और अवैध कालोनाइजरों को संरक्षण देते है। फिर अपने कत्र्तव्य निर्वहन का ढिंढोरा पीटने अतिक्रमण हटाने पहुंच जाते है। मगर कभी न तो शासन, न ही नगरपालिका, न ही सरकारें यह तय कर सकी कि जिन कर्मचारी, अधिकारियों के रहते इस तरह के अतिक्रमण या अवैध काॅलोनियां निर्मित हुई आखिर उन पर आज तक कार्यवाही क्यों नहीं हो सकी, क्यों ऐसे अधिकारी,कर्मचारियों को कार्य में लापरवाहीं और कत्र्तव्य के विरूद्ध कूट रचना के संदेह के लिए दंडित कर उत्तरदायी ठहरा गया। यह सरकार के लिए समझने वाली होना चाहिए।
जिस तरह से आये दिन अवैध काॅलोनियों आवाद हो रही है या हो चुकी है वह इस बात का संकेत है कि न तो कत्र्तव्य निर्वहन हुआ न ही जबावदेही तय हो सकी। ऐसे में पीएम के सपने व नई सरकार केे सपने को नपा का व्यवहार पलीता लगाने काफी है।
बेहतर हो कि नवगठित सरकार आम पीड़ित, वंचितों से जुड़े मुद्दों पर संज्ञान लें। पहले तो जिम्मेदार विभाग अतिक्रमाक और अवैध कालोनाइजरों को संरक्षण देते है। फिर अपने कत्र्तव्य निर्वहन का ढिंढोरा पीटने अतिक्रमण हटाने पहुंच जाते है। मगर कभी न तो शासन, न ही नगरपालिका, न ही सरकारें यह तय कर सकी कि जिन कर्मचारी, अधिकारियों के रहते इस तरह के अतिक्रमण या अवैध काॅलोनियां निर्मित हुई आखिर उन पर आज तक कार्यवाही क्यों नहीं हो सकी, क्यों ऐसे अधिकारी,कर्मचारियों को कार्य में लापरवाहीं और कत्र्तव्य के विरूद्ध कूट रचना के संदेह के लिए दंडित कर उत्तरदायी ठहरा गया। यह सरकार के लिए समझने वाली होना चाहिए।

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