सच से अनभिज्ञ सरकार का सच बुद्धि, विज्ञान और शसक्त आधार का दंश झेलती सरकार

व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा। 
सरकार जो भी हो उसका दल, उसकी संस्कृति, संस्कार जो भी हो। मगर सच यह है कि जिस सत्ता, सरकार में बुद्धि विवेक, विज्ञान और आधार का अभाव हो वह हमेशा सच से अनभिज्ञ ही बनी रहती है। जिसका दंश झेलना या तो उसकी नियति बन जाती है या फिर उसका संस्कार जो किसी भी संघर्षपूर्ण व्यवस्था के लिए दर्दनाक भी। काश इस सच को शासक समझ पाये।
मगर वर्तमान हालात यह है कि लोग न तो समर्थ, सक्षम लोग और सत्तायें सच समझने, सुनने तैयार है, न कि अपने निहित स्वार्थो को तिलांजली दे, कल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हम शसक्त, सक्षम, समृद्ध आज भी है और इतिहास भविष्य हमारी गोद में, फिर भी हम अक्षम, असफल आखिर क्यों ?
जय स्वराज 

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