रिटार्यमेंट की उम्र 62, पूर्व भाजपा सरकार के निर्णय पर, चर्चा सरगर्म सरकार साफ करें कि सच क्या है ?
वीरेन्द्र शर्मा
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
जब निर्णय पारित नहीं, तो क्या अब रिटार्यमेंट की उम्र सिर्फ सिगूफा बचा है। लोकसभा चुनाव से ठीक पूर्व जिस तरह से चर्चा रिटार्यमेंट की उम्र 62 को लेकर आम है। वह प्रमाण के आभाव में सत्य है या असत्य यह साफ होना फिलहाल बांकी है। क्योंकि मसला काफी गंभीर व सीधे तौर पर लोक ही नहीं, तंत्र से भी जुड़ा है। जो म.प्र. के लाखों, हजारों अधिकारी, कर्मचारियों से भी जुड़ा है। अगर अपुष्ट सूत्रों की माने तो रिटार्यमेंट की उम्र 62 के निर्णय व उसके क्रियान्वयन की समीक्षा होना चाहिए। साथ ही म.प्र. की कमलनाथ सरकार को हजारों अधिकारी, कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनकी स्थिति व पूर्व सरकार के निर्णय को साफ करना चाहिए कि आखिर सच क्या है ? बहरहाल सच क्या है यह तो प्रदेश की सरकार और शासन ही जाने। मगर 62 वर्ष को लेकर फिलहाल चर्चा सरगर्म है।
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