प्रमाणिक समाधानहीन, सच्चा सार्थी साबित हो सकता है, सियासत में प्रतिभा, प्रदर्शन के सहज अवसर और संसाधन हो सकते है सच्चे मार्गदर्शक
व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
सम्मानजनक, समृद्ध, स्वाभिमानी जीवन एवं गांव, गली के मान-सम्मान, स्वाभिमान के लिए जब तक सत्ता, संगठन, संस्थायें स्वयं को सार्थक सिद्ध करने में सफल नहीं होगीं और उनका संघर्ष इस राष्ट्र के हर नागरिक के मान-सम्मान से जब तक नहीं जुड़ेगा, तब तक मौजूद हालातों में परिवर्तन असंभव है। गलतियां हुई है मगर उन गलतियों को समाधान न हो यह भी संभव नहीं। समाधान ही सत्ता, संगठन, संस्था, व्यक्ति का कत्र्तव्य होना चाहिए। अगर आज की सियासत में स्वार्थवत सत्तायें, गिरोहबन्द सियासी, संस्कृति, संस्कार, अन्तिम सत्य है। तो इन्सान होने के नाते सृजन, समाधान में कत्र्तव्य निर्वहन की पराकाष्ठा ही संपूर्ण सत्य है। यह समझने वाली हर उस नागरिक, सत्ता, संगठनों, संस्थाओं को होना चाहिए। जो समृद्ध, खुशहाल जीवन की आशा-आकांक्षा रखते है और सर्वकल्याण में विश्वास।
जय स्वराज
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