आतंक, आतंकवाद को मुंहतोड़ जबाव देने, देश के समूचे दल और देश एक है- सिंधिया सरकार को संवेदनशील और देश को सच बोलना चाहिए शहीद का दर्जा और जवानों की शहादत पर सवाल जायज सरकार को जबाव देना चाहिए मेरा सपने देखने भर में नहीं, उन्हें साकार करने में विश्वास है


वीरेन्द्र शर्मा
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
लगभग 220 करोड़ की लागत से पूर्ण होने वाले शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के लोकार्पण के अवसर पूर्व केन्द्रीय मंत्री काॅग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, सांसद, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मैं सपने देखने में नहीं बल्कि उन्हें साकार करने में विश्वास रखता हूं। चाहें मेडीकल काॅलेज हो या एशिया का नम्बर वन एन.टी.पी.सी. का इन्जीनियरिंग काॅलेज, ऊर्जा ट्रेनिंग सेन्टर जिसकी लागत लगभग 185 करोड़ है। हमने अन्नदाता, ज्ञानदाता और जानदाता सभी के सपनों को पूर्ण करने की कोशिश की है। किसानों के रिण माफ, बिजली के बिल हाफ और इस महाविद्यालय से 5 वर्ष में 600 डाॅक्टर (जानदाता) व 1100 बिस्तर चिकित्सालय की सुविधा शिवपुरी-गुना ही नहीं, उ.प्र., बुन्देलखण्ड को मिलेगी। 31 मार्च तक टंकियों तक सिंध का पानी तो मई तक घर-घर पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य है। पत्रकारों के बीच अपने सपने संघर्ष को सार्थक सफल होने पर उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि मैं 5 वर्ष में पीड़ित, वंचित, मानवता से जुड़ी चिकित्सीय सेवा ही नहीं, चिकित्सीय सेवा करने वालों को तैयार करने का सपना पूर्ण कर पाया। दिग्विजय द्वारा किये गये केन्द्र सरकार पर सवाल पर सिंधिया ने कहा कि आतंक, आतंकवाद को मुंह तोड़ जबाव देने समूचे दल और देश एक है, न इसमें कहीं काॅग्रेस, भाजपा या अन्य दल का सवाल है। 
मगर प्रधानमंत्री को संवेदनशील मुद्दों पर संवेदनशीलता दिखाना चाहिए और सरकार को देश से सच बोलना चाहिए। अपने ही देश में जवानों पर हुए हमले और सी.आर.पी.एफ के जवानों को शहीद का दर्जा न देने पर सवाल तो होगें, सरकार को जबाव देना चाहिए। सच तो यह है कि सरकार देश को जबाव नहीं देना चाहती। क्योंकि मसला आन्तरिक सुरक्षा और जवानों की शहादत से जुड़ा है। जो देश के लिए अपनी जान न्यौछावर करते है। प्रधानमंत्री बताये सच क्या है फोटो सेशन, सभाओं को छोड़ कुछ तो संवेदनशीलता देश को दिखाये। 

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