संस्कार विहीन, क्रिमनल, करोड़पतियों से सनी सियासत के बीच दम तोड़ते, सत्य, मूल्य, सिद्धान्त 543 में से 91 के बाद 95 सीटों पर मतदान
व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
यूं तो 7 चरण में देश की 543 सीटों पर हो रहे चुनाव के परिणाम 23 मई को आना है। जिसका दूसरा चरण 96 सीटों पर पूर्ण होना है। मगर 2019 लोकसभा के लिए चल रहे मतदान में संस्कार विहीन, क्रिमनल, करोड़पति सियासत का चेहर कुछ नेताओं के रूप में देश के सामने आ रहा है। आज जिस तरह की सियासत, सियासी दल या सियासी लोग चुनाव जीतने बयानों के माध्यमों से संस्कार ही नहीं, मूल्य सिद्धान्तों को दरकिनार कर, अपनी जीत सुनिश्चित करने पर तुले है। प्रमाण कि कई दलों के चोटी के नेताओं पर अनरगल बयानवाजी को लेकर चुनाव आयोग ने कड़ी कार्यवाही की है। तो वहीं बैलूर सीट का चुनाव रद्द करना पड़ा है। ऐसे में सत्य, सिद्धान्त, मूल्यों की खोज आम मतदाता के सामने सबसे यक्ष सवाल होना चाहिए। मतदान निष्ठापूर्ण सत्य, समृद्ध, खुशहाल,सशक्त राष्ट्र निर्माण के लिए 100 फीसदी होना चाहिए। जिससे शिक्षा, प्रतिभा, विकास के साथ चुनावी प्रक्रिया को और अधिक लोकतांत्रिक सहज, सरल, समानता मूलक और सेवा, कल्याण उन्मुखी बना, सच्चे और अच्छे प्रतिनिधि व सरकार को चुना जा सके और मतदान को 100 फीसदी कर, अपने खुशहाल जीवन के लिए अचूक अस्त्र के रूप में प्रयोग कर सके। कहते है लोकतंत्र में यथा प्रजा तथा राजा होता है और यहीं सच्चे, सशक्त और समृद्ध लोकतंत्र का मूलमंत्र है।
जय स्वराज
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