राष्ट्र, मानवता को समर्पित, महान गांधीवादी सुब्बाराव जी बोले प्रेम, अहिंसा, कत्र्तव्य, निर्वहन, जबावदेही के साथ समृद्ध, खुशहाल राष्ट्र निर्माण चाहते है


विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
म.प्र. शिवपुरी। बगैर किसी प्रसंशा, पुरूस्कार की परवाह किए बगैर राष्ट्र मानव, कल्याण के मार्ग पर गांधी जी से प्रेरणा लें, अभी तक अपनी यात्रा जारी रखने वाले महान गांधीवादी एस.एन.सुब्बाराव कहते है कि यह अजीब दौर है जब देखने में आ रहा है कि जो कार्य, जो कत्र्तव्य निर्वहन जबावदेही के साथ राजनैतिक दलों को करना चाहिए था वह कार्य आज समाजसेवी संस्थाओं, संगठनों को करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें समृद्ध, खुशहाल जीवन के लिए एक बड़ी उम्मीद की किरण युवाओं में दिखाई देती है। उम्मीद है कि वह स्वयं के साथ अपनी आनी वाली पीढ़ियों के बेहतर जीवन उनके भविष्य के लिए पूर्ण निष्ठा जबावदेही के साथ अपने कत्र्तव्यों का निर्वहन कर, इस राष्ट्र को समृद्ध, खुशहाल बनाने में कामयाब होगें। 
उन्होंने गांधी विचार की प्रसांगिता पर बोलते हुए कहा कि अहिंसा का दूसरा नाम गांधी है जिन्हें न तो सीमाओं में बांधा जा सकता है और न ही उन्हें अन्य विचारों से बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांधी जी जानते थे कि जिस महान भू-भाग पर उनका जन्म हुआ है वह महान है उसकी समृद्धि, खुशहाली उनकी विरासत है और गांधी जी ने अपने समूचे जीवन भर प्रेम, अहिंसा का मार्ग लोगों को दिखाया। जिसके रास्ते लोग महान भारत में ही नहीं, समूचे विश्व में सफल रहे। आज जरूरत हमें गांधी जी के बताये मार्ग पर चलने की है और लक्ष्य तय कर, निष्ठापूर्ण कत्र्तव्य निर्वहन के साथ जबावदेही तय करने की है। जिसके लिए वह आज भी संघर्षरत है। 
उक्त बात अनौपचारिक तौर पर श्री सुब्बाराव ने विलेज टाइम्स संपादक वीरेन्द्र शर्मा से विशेष भेंट के दौरान अनौपचारिक चर्चा में कही। अन्त में उन्होंने कहा कि सभी धर्म मतों में प्रेम और अहिंसा का मार्ग ही सर्वोपरि माना गया है और उसी रास्ते पर महात्मा गांधी जी जीवन पर्यन्त चलते रहे और वहीं मेरा भी मार्ग है। 

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