महान समृद्ध, राष्ट्र-जन के पुरूषार्थ प्रमाणिकता का दिन 23 मई
वीरेन्द्र शर्मा
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
17वीं लोकसभा के लिये आशा-आकांक्षायें जो भी हो इस महान समृद्ध भू-भाग राष्ट्र-जन की। मगर सत्ता हासिल करने सक्रिय दल, संगठन एवं स्वार्थवत व्यक्ति, समूहों के मुद्दे जो भी रहे हो। लेकिन 7 चरण में 542 संसदीय सीटों के हुये सम्पन्न चुनावों का परिणाम निसंदेह 23 मई को समूचे राष्ट्र के सामने होगा। मगर जिज्ञासा यह है कि भोले-भाले शान्त प्रिय बैवस मायूस महान विरासत संस्कृति को साक्षी मान क्या फैसला आने वाला है यह फिलहाल समय का तय करेगा है। जबकि सत्य यह है कि इस महान भूभाग पर न तो कभी कोई समस्या रही, न ही इस भूभाग पर निवासरत लोग कभी कत्र्तव्य पुरूषार्थ विहीन रहे। जिन्होंने न तो कभी अपनी सभ्यता, संस्कृति, संस्कारों को छोड़ा, न ही कभी अपने कत्र्तव्यों से मुंह मोड़ा।
ये अलग बात है कि स्वार्थवत सत्ताओं के रहते अपनी महान शिक्षा को अवश्य खोया है। मगर कहते है खून बोलता है इसलिये वंशानुगत गुणों ने न तो इस महान भू-भाग राष्ट्र-जन को कभी निराश किया, न ही कभी अपने निष्ठापूर्ण कत्र्तव्य जबावदेहियों को लाख मुश्किलों के बावजूद दागदार होने दिया। यहीं हम महान राष्ट्र-जन, भू-भाग के वंशजो की अनादिकाल से पहचान रही है।
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