सत्य की जीत सुनिश्चित सेवा, सत्याग्रह, विकास कल्याण पर सवाल सत्य से विमुख सियासत, पर संशय स्वभाविक

वीरेन्द्र शर्मा 
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
एम्जेक्ट पोल के आंकड़े जो भी हो कहे और ज्योतिष्यिों की भविष्यवाणी जो भी हो। मगर वह निरर्थक नहीं हो सकती। सियासत में अपवाद होना स्वभाविक है। उन्हीं में से एक शिवपुरी गुना संसदीय क्षेत्र का होना एक सत्य है। मगर इस क्षेत्र का सत्य यह है कि इस क्षेत्र के लोग भावुक होने के साथ काॅफी समझ बूझ वाले है। फिर सियासी लोगों की समझ जो भी हो। मगर कहते है कि अगर लोगों में उनके नैसर्गिक, गुण, कत्र्तव्य, जबावदेहियों सुरक्षा संरक्षण का भाव न हो तो वह इतिहास बदलने ही नहीं, नये इतिहास के साथ सत्य के साक्षी होने के लिए भी काफी है। फिर उसका आधार प्रारारव्ध हो या विरासत के साथ वर्तमान निष्ठापूर्ण कत्र्तव्य निर्वहन जबावदेही। इसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए कि सत्य और समय न तो किसी सियासत का मोहताज रहा है न ही सत्याग्रह जैसे आग्रह के लिए वह बैवस क्योंकि सत्य का आग्रह ही सत्याग्रह है और इसका परिणाम भी सत्य होता है।
जय स्वराज

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