नक कटा का दंश..............? तीरंदाज
व्ही.एस.भुल्ले
भैया- 17 वीं लोकसभा के अवसर पर तू कै अर्र बर्र बोल रिया शै।भैये- कै थारे को मालूम कोड़ी कै म्हारे महान लोकतंत्र में नक कटा की कहानियों का दौर चल रिया शै।
भैया- कै तने बावला शै, जो थारे को मालूम कोणी कि म्हारा राष्ट्र आज 21वीं सदी में मजबूत हो रिया शै।
भैये- मुंह काला हो तेरा जो थारे को धन, स्वयं स्वार्थ के चलते राष्ट्र भक्तों का विभिन्न दल नाम संगठन, परिवार आज जन कल्याण सेवा में के लिए लोगों का जबरदस्त हुजूम दिख रिया शै। सवा अरब के पार इस महान भूभाग पर पुरुषार्थ, सृजन, कल्याण सेवा के लिए म्हारा तो मन मचल रिया शै। इतना ही नहीं अपनी महान विरासत बचाने इस महान भूभाग का बच्चा-बच्चा वोट डालो बोल रिया शै।
भैया- मगर आज नक कटा की कहानी ही क्यों ?
भैये- सुन ना चाहे तो सुन, भले ही किसी विद्वान ने किसी समाचार पत्र के माध्यम से सच्चाई समझाई हो। मगर यह कटु सत्य है।
भैया- सच बोल्यू तो भाया, कै म्हारी भी इस लोकतंत्र के उत्सव में चल जाएगी, कम से कम मने न सही थारी भावी तो सांसद बन जाएगी।
भैये- चुप कर, गर किसी मनचले, सत्ता, स्वार्थी, धन लालचियों ने सुन लिया तो थारी तो थारी म्हारी फिल्म भी बगैर बाॅक्स आफिस और संजीदा डायेक्टर रातो-रात सुपरहिट हो जाएगी। खर्चा निकले ना निकले यह समय की बात है। मगर थारी हालत भी अंतोदय के नीचे पहुंच उन गरीबों में हो जायेगी। जिनके लिए देश भक्त और सेवाभावी लोगों का हुजूम उमड़ा है। इतना ही नहीं, म्हारी कड़ी मेहनत से तैयार की गई काली-पीली चिन्दी-पन्ने की होली सरेयाम सड़क पर फूंक दी जायेगी। फिर न तो म्हारी महान जनता भी म्हारे महान विचारों से अभिभूत हो पायेगी और न ही म्हारी कलम में स्याही रह पायेगी। बोल भैया कैसी रही।
भैया- मने समझ लिया थारा इशारा अगर कुछ दिन स्वार्थवत धनलालिचयों का दौर यूं ही सेवा कल्याण के नाम चलता रहा तो मने तो लागे कि म्हारे मूल सिद्धांतों की सिर्फ आरती और आशा-आकांक्षाओं की अर्थी सरेयाम निकाली जाएगी। मने तो यह सोचकर कलेजा मुंह को आवे कि कहीं ऐसा न हो कि नक कटा की कहानी सुन-सुन कर ही हमारी शेष जिन्दगी यंू ही कट जायेगी। मगर काडू का कै करू, जो असंयमित घटनाक्रमों पर मुंह खोल रहा है और बेभाव धड़ा-धड़ नक कटा की कहानी पर स्वयं को महान महसूस कर रहा है तथा म्हारे समृद्ध, खुशहाल जीवन और म्हारे लोकतंत्र पर अर्र-बर्र बोल मतदान करने के कत्र्तव्य व जबावदेही पर जोर दे रहा है। भाया मने तो इस भीषण गर्मी में कुछ भी हो। थारी भावी के साथ वोट डालने अवश्य जाऊंगा और अपने महान लोकतंत्र को मजबूत बना जीवन को समृद्ध, खुशहाल बनाने अवश्य ऐड़ी-चोटी का जोर लगाऊंगा।
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