सृजन में जीव की सार्थकता ही, सृष्टि का मूल आधार यह महान भू-भाग न तो कभी विलक्षण प्रतिभाओं का मोहताज रहा, न ही इसका गर्भ प्रचूर संसाधनों के नाम वांझ


व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा। 
आज इस महान भू-भाग की सार्थकता, सिद्धि में सबसे बड़ी बाधा निहित स्वार्थ और अहम अहंकार है। हमारा अतीत गवाह है कि हम अपनी प्रतिभाओं, आध्यामितक, पुरूषार्थ के बल विश्व गुरू थे और है तथा रहेगें। काश इस महान विरासत के वंशज इस सत्य को समझ पाये तो यहीं हमारे स्वयं की सबसे बड़ी सार्थकता, सफलता और सिद्धता होगी। 
देखा जाये तो इस महान भू-भाग पर शिक्षा, स्वास्थ, रोजगार कोई मुद्दा नहीं। जरूरत एक सार्थक पहल की है। जो हमारी बौद्धिक संपदा, प्रतिभा और पुरूषार्थ से संभव है और यह तभी संभव होगा कि जब सेवा, कल्याण से जुड़े लोग इस सत्य को समझ पाये। 

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