अतिआत्मविश्वास से भरा राष्ट्रवाद सिद्ध, सफल होगा या समय चक्र का शिकार मौजूद यक्ष सवाल को लेकर सांसत में देश


व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
अतीत गवाह है, कि कोई भी विचार, विचारधारा अपने मूल आधार के रहते कभी असफल, अक्षम साबित नहीं हुई। अगर कभी कोई अक्षम, असफल हुआ है तो वह व्यक्ति, समूह जिसने अहम, अहंकार निहित स्वार्थो के चलते उस विचार, विचारधारा को तिलांजली दें स्वयं को सफल, सक्षम सिद्ध करने का जाने-अनजाने में अक्षम, असफल प्रयास है। 
अब इसे हम महान भू-भाग भारतवर्ष के लोग अपना सौभाग्य समझे या दुर्भाग्य समझे या फिर समय की बलिहारी कहे। जो आज भी हम समृद्ध, खुशहाल जीवन को मोहताज है। कारण जो भी हो या रहे हो। मगर समयकाल परिस्थिति यह समझने काफी है कि 2019 में न्याय भी होगा और राष्ट्रवाद भी रहेगा। मगर भविष्य क्या होगा यह फिलहाल भविष्य के गर्भ में है। 
मगर समझने वाली बात आज इस महान भू-भाग पर यह है कि हमारा भूत, वर्तमान चमत्कारों से भरा रहा है। अगर यहां की प्रतिभाओं को संसाधन और संरक्षण मिला तो भविष्य भी हमारा चमत्कारिक होगा। जिसकी कल्पना समूचे विश्व में सिर्फ इसी महान भू-भाग पर की जा सकती है, जो समझने वालो के लिये समझने वाली बात होना चाहिए। 

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