गुना का किला फतेह करने दोनों ही राष्ट्रीय दलों ने झौंकी ताकत
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
वर्तमान चुनाव को लेकर व गुना संसदीय क्षेत्र के नेतृत्व को लेकर व्यवहारिक, बौद्धिक, धु्रवीकरण फिलहाल चरम पर है। मगर जिस तरह की बेमेल मंशा गुना संसदीय क्षेत्र में इतिहास रचने जा रही है। यह आम गांव, गली के गरीब मतदाताओं को समझने वाली बात होना चाहिए। अगर व्यवहारिक आकलन दुरुस्त है तो आम मतदाता नहीं समझ पा रहा की संघीय व्यवस्था की क्या जवाबदेही, उत्तरदायित्व होते हैं। एक सांसद पद को वोट देते वक्त उनकी क्या आशा आकांक्षा अपने सांसद से होनी चाहिए यह 21वीं सदी के लोकतंत्र के लिए दर्दनाक ही कहा जाएगा जो आज तक हमारी सरकारें संवैधानिक व्यवस्था आम मतदाता को वोट डालने के अलावा ना तो संघीय ढांचे में एक सांसद के कर्तव्य उत्तरदायित्व समझा पाई, न ही यह स्पष्ट कर पाई कि राष्ट्रीय, राज्य तथा स्थानीय स्तर के मुद्दे क्या होना चाहिए। कैसे लोकतंत्र मजबूत हो और विकास कल्याण के लिए कैसे जनप्रतिनिधि और सरकारें चुनना चाहिए और किसी भी स्थिति में अच्छे-सच्चे, सक्षम जनप्रतिनिधि और सरकारें चुनना चाहिए जिससे स्थानीय स्तर पर लोग भली-भांति परिचित होते है।
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