जनसेवक रहना मेरा अन्तिम लक्ष्य- सिंधिया

वीरेन्द्र शर्मा
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
अशोकनगर, गुना-शिवपुरी की जनता सेवा मैंने अभी तक निष्ठापूर्ण ढंग से की है और भविष्य में भी करता रहूंगा। अगर जनता चाहेगी तो मैं जीवन पर्यन्त जनसेवा जुटा रहूंगा। क्योंकि मैं जनसेवा में हूं और मैं अन्तिम सांस तक जनसेवा ही और कल्याण के मार्ग पर चलूंगा। क्योंकि मेरा सार्वजनिक जीवन में राजनीति नहीं जन सेवा में विश्वास है और जीवन में यहीं मेरा अन्तिम लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि विगत वर्षो में अपने क्षेत्र में जो कुछ भी मैं कर सका वह जनता का स्नेह आर्शीवाद और उसकी ताकत से ही चाहे वह ग्वालियर-देवास फाॅरलेन, रेल, मेडीकल, इन्जीनियरिंग, पाॅलोटेकनिक काॅलेज, खेल परिसर, पेयजल, बिजली तथा रोजगार के लिए प्रतिबंधित 5 पत्थरों खदानों की स्वीकृति प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना और यह क्रम विकास का सेवा कल्याण का इसी तरह जारी रहेगा। जब उनसे पूछा गया कि सवा घन्टे की निद्रा, सेवा कल्याण के साथ मूल्य सिद्धान्तों की राजनीति कैसे कर पाते है। इस पर उन्होंने कहा कि मैं राजनीति नहीं जनसेवा करता हूं और जनता के आर्शीवाद स्नेह और कृपा से यह कर पाता। 

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