निर्माण माफिया के आगे, नतमस्तक सरकार गुणवत्ता से समझौता, जनधन, जनजीवन से खिलबाड़ 100 रूपये कीमत की वस्तु 50 रूपये में 30 से 40 प्रतिशत कम दर पर निर्माण

वीरेन्द्र शर्मा
विलेज टाइम्स समाचार सेवा। 
पुल, पुलिया भवन हो या सड़क निर्माण 25 प्रतिशत से लेकर लगभग 40 प्रतिशत कम दर पर निर्धारित शासकीय दर से धड़ल्ले से निर्माण माफियाओं के इशारे पर चल रहा है। नवनिर्मित सड़कों का एक ही बारिस में उखड़ जाना, भवनों से बारिस का पानी टपकना पुल, पुलियों का वह जाना अब कोई नई बात नहीं। 
मगर सरकार की नाक के नीचे दो के चार बताने वालों का खेल जनधन, जनजीवन की कीमत पर विगत वर्षो से अनवरत चल रहा है। जबकि निर्माण के लिये शासन द्वारा निर्धारित दर है और निविदा स्वीकृति अस्वीकृति के असीमित अधिकार फिर भी जनधन, जनजीवन से खिलबाड़ शर्मनाक ही नहीं खतरनाक भी है। अगर सरकार ने इस ओर जल्द ही ध्यान नहीं दिया तो किसी दिन अप्रत्याशित परिणाम प्राप्त हो तो किसी को अतिसंयोक्ति नहीं होना चाहिए।

Comments

Popular posts from this blog

खण्ड खण्ड असतित्व का अखण्ड आधार

संविधान से विमुख सत्तायें, स्वराज में बड़ी बाधा सत्ताओं का सर्वोच्च समर्पण व आस्था अहम: व्ही.एस.भुल्ले

श्राफ भोगता समृद्ध भूभाग गौ-पालन सिर्फ आध्यात्म नहीं बल्कि मानव जीवन से जुडा सिद्धान्तः व्यवहारिक विज्ञान है अमृतदायिनी के निस्वार्थ, निष्ठापूर्ण कत्र्तव्य निर्वहन, त्याग तपस्या का तिरस्कार, अपमान पडा भारी जघन्य अन्याय, अत्याचार का दंश भोगती भ्रमित मानव सभ्यता