जल प्रलय, बाढ़ से बचाव और जल समृद्धि का समय गंवाता देश

व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा। 
देश में जल समृद्धि के लिये 15 अगस्त के शुभ अवसर पर जल संग्रहण का संकल्प देश के प्रधानमंत्री भले ही समूचे देश को दिला चुके हो। मगर देश में जल प्रबन्धन संग्रह का बड़ा मौका गवाता देश शायद अभी भी तैयार नहीं। क्योंकि जल समृद्धि की मजबूत नींव इस बारिस के दौरान समूचे देश ही नहीं हर गांव, गली, नगर, शहर में डाली जा सकती थी। शायद वह सुनहरा मौका देश गवां रहा है। 
अगर चुनाव अभियान की भांति नगरीय निकाय ग्राम पंचायत, राजस्व वन अमले को लगा सैलाव के बहाव और कैचमेन्ट ऐरिया सहित समुद्र के मुहाने से समुद्र में मिलने वाले पानी का आकलन करा लिया होता तो जल से जूझते देश को आने वाले समय में जल समस्या से नहीं जूझना पढ़ता। फिलहाल अभी भी वक्त है अगर सरकारें अभी भी इस महत्वकांक्षी कदम को उठा लेती है तो कोई कारण नहीं जो अगली बर्षात से बाढ़ व पेयजल से जूझते लोगों को जल के मामले में समृद्ध न बनाया जा सके।

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