वे विराट व्यक्तित्व ही नहीं शांत स्वभाव के धनी थे सदियों में पैदा होते हैं ऐसे सरल व्यक्तित्व जैसे हमारे सिकरवार साहब थे

व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
अपना समूचा सार्वजनिक जीवन एक साधुत्व सन्यासी की भांति विराट व्यक्तित्व होने के बावजूद अनुशासित शांतिप्रिय खुशहाल रहने व रखने वाले शिक्षाविद के रूप में वे विराट व्यक्तित्व थे। जिनके सौम्य मृदु व्यवहार और अनुशासित जीवन शैली के चलते आंधी तूफान सैलाब का प्रतीक युवा पीढ़ी के बीच उन्हें सम्मानित पूजनीय स्थान प्राप्त था। गहरी धार्मिक आस्था कर्तव्य निर्वहन अनुशासन, कल्याणकारी जीवन शैली में उनका स्थान हमेशा से ही लोगों की अंतरात्मा में एक प्रोफेसर शिक्षाविद के रूप में सर्वोच्च स्थान रखा। आज एक महान शिक्षक शिक्षाविद छात्र-छात्राओं को यह समझने वाली बात होनी चाहिए कि आज हम एक समृद्ध खुशहाल जीवन के लिए जिस महापुरुष की जयंती मना रहे हैं उनके अनुशासित सौम्य धार्मिक कर्तव्यनिष्ठ जीवन में बड़ी सरलता सहृदयता और गहरा त्याग था। जिसने मेरे छात्र जीवन को कभी एक अच्छे शिक्षाविद के रूप में अनाथ महसूस नहीं होने दिया। ऐसे थे हमारे प्रोफेसर शिक्षाविद सिकरवार साहब।
जय स्वराज

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