गर्व के छड़ से गुजरा देश भारतवर्ष में चन्द्रयान कामयाब प्रयास परिणाम नहीं, सिद्धता का आधार होते है इसरों को बधाई, साधूवाद
व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
भारतवर्ष के चन्द्रयान की अनुभूति से साबित हो गया कि हम सामर्थवान होने के साथ सिद्धस्थ भी है अपने-अपने हुनर पारंगत, परिणाम के अगले चरण से पूर्व अल्प विराम ने जिस सिद्धता के बीज इस महान भूभाग पर अंकुरित किये है। उनके सार्थक होने व व्यापक अनुमानों की अनुभूति में भले ही हमें समय लगे। मगर जितने चन्दा, तारों को चमकाने की हवा, पानी, खाद सवा करोड़ के देश में चन्द्रयान से मिला है आज इस महान अनुभूति और भारतवर्ष के भविष्य को इसे समझने की जरूरत है। इसलिये बधाई के पात्र है हमारे वैज्ञानिक, इसरों और सत्ता तथा मीडिया जिनके सम्मलित प्रयासों से आज भारतवर्ष गर्व मेहसूस कर सार्थक प्रमाणिक भविष्य नहीं सोच के साथ अपने सपनों को गढ़ने तैयार हो रहा है।
जय स्वराज
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
भारतवर्ष के चन्द्रयान की अनुभूति से साबित हो गया कि हम सामर्थवान होने के साथ सिद्धस्थ भी है अपने-अपने हुनर पारंगत, परिणाम के अगले चरण से पूर्व अल्प विराम ने जिस सिद्धता के बीज इस महान भूभाग पर अंकुरित किये है। उनके सार्थक होने व व्यापक अनुमानों की अनुभूति में भले ही हमें समय लगे। मगर जितने चन्दा, तारों को चमकाने की हवा, पानी, खाद सवा करोड़ के देश में चन्द्रयान से मिला है आज इस महान अनुभूति और भारतवर्ष के भविष्य को इसे समझने की जरूरत है। इसलिये बधाई के पात्र है हमारे वैज्ञानिक, इसरों और सत्ता तथा मीडिया जिनके सम्मलित प्रयासों से आज भारतवर्ष गर्व मेहसूस कर सार्थक प्रमाणिक भविष्य नहीं सोच के साथ अपने सपनों को गढ़ने तैयार हो रहा है। जय स्वराज
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