जीवन्त शिक्षा, संस्कृति, संस्कारों का अभाव, जघन्य, दुर्दान्त, वीभत्सकाण्ड

व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
निर्भया से लेकर हैदरबाद के नाम से चिरपरिचित दर्दनाक, शर्मनाक घटना क्रम इस बात के साक्षी है कि मानवता कितनी निर्दयी और पुरूषार्थ कितना नपुशंक हो गया है अब इसके के कारण जो भी हो। मगर आज इस महान भूभाग पर एक महान संस्कृति बगैर किसी अपराध के बदनाम है इतना हीं नहीं वह महान सभ्यता संस्कृति, शिक्षा, संस्कारों का भी मंुह काला हो रहा है जो इस तरह के घटनाक्रमों के लिये कतई उत्तरदायी नहीं।
ऐसी स्थिति में अपना पुस्षार्थ सिद्ध कर मानवता को कृतज्ञता साबित करना इस महान भूभाग पर मौजूद मानव का कत्र्तव्य है क्योंकि आज भी समूचा जीव जगत अनुशासित कत्र्तव्यनिष्ठ और अनुशासित है तो फिर मानवता पर सवाल क्यों ? यहीं यक्ष सवाल आज हम सभी के लिए होना चाहिए।
जय स्वराज

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