विधि-विधेयता के पालनहारों के संरक्षण मे माल काटता भूमाफिया शासकीय भूमि की लूटपाट पर, सार्वजनिक, सत्तात्मक चुपी, विधि-विधान पर कलंक

विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
माफिया के खिलाफ आर पार के मूड मे म.प्र के मुख्यमंत्री भले ही, अपनी सरकार के सार्वजनिक वैधानिक सिपहसालारो को अपनी मंशा स्पष्ट कर चुके हैं। उसके परिणाम की प्रत्याशा मंे माफिया आंतक से तस्त्र पथराई आखो मे आशा कि किरण सी नजर आयी मगर लगता नही कि विधि-विधयताओं के सरंक्षण में आदम खोर हो चुकी व्यवस्था धन पिपासुआ के रहते माफिया नाम के कलंक से मुक्त होने वाली हैं। क्योकि जिस तरह से म.प्र के ग्वालियर, चम्बल ही नही अन्य संभाग सहित शिवपुरी जिले मे सार्वजनिक शासकीय भूमि कि विधि के पालन हारो के संरक्षण मंे लूटपाट हुई है वह किसी से छिपी नही। गौवंश की चरनोई तालाबो के कैचमेन्ट ऐरिया, नदि-नालों के कैचमेन्ट ऐरिया को जिस तरह से भू-माफिया निगल गये वह अपने आप मे बडा सवाल है। मगर लगता नही कि इस सुन्दर समृद्ध शहर मे माफिया का कुछ होने वाला हैं। नीचे से लेकर उपर तक उपकृत होने का आलम यह है कि यहाॅ माफिया राज चरम पर है। जो मुख्यमंत्री जी के लिए विचारनीय होना चाहिए। 

Comments

Popular posts from this blog

खण्ड खण्ड असतित्व का अखण्ड आधार

संविधान से विमुख सत्तायें, स्वराज में बड़ी बाधा सत्ताओं का सर्वोच्च समर्पण व आस्था अहम: व्ही.एस.भुल्ले

श्राफ भोगता समृद्ध भूभाग गौ-पालन सिर्फ आध्यात्म नहीं बल्कि मानव जीवन से जुडा सिद्धान्तः व्यवहारिक विज्ञान है अमृतदायिनी के निस्वार्थ, निष्ठापूर्ण कत्र्तव्य निर्वहन, त्याग तपस्या का तिरस्कार, अपमान पडा भारी जघन्य अन्याय, अत्याचार का दंश भोगती भ्रमित मानव सभ्यता