अपनों के बीच, आज बैठेंगे सिंधिया, होगा आमजन से सीधा संवाद
वीरेन्द्र भुल्ले
जिस समय की दरकार आमजन को वर्षो से थी लगता है कि वह समय आ चुका है। जब सिंधिया अपनों के बीच बैठ सीधा संवाद करेंगे। सेवा कल्याण की सियासत को आगे बढाने जिस तरह से उन्होंने गांव-गांव पैदलमार्च, विद्यालय-विद्यालय छात्रों से संवाद और सत्याग्रह के माध्यम से आमजन की समस्याओं के समाधान की शुरूआत कर यूं तो वह जब तब सार्वजनिक जीवन में आज की सियासत को नया संदेश देते रहे है। मगर जिस बात को लेकर सियासत गर्म रहती थी कि महाराज आमजन से सीधे नहीं मिल पाते और न ही आमजन सीधे महाराज को अपनी व्यथा बता पाते। मगर जो शुरूआत अब होने वाली है शिवपुरी के सर्किट हाउस से वह कितना आमजन को ढांढस बधा सिंधिया को समस्याओं के नये-नये स्वरूप और सियासत में आते बदलावों से अवगत करा पाती है यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल तो सिंधिया का संवाद आमजन के बीच शिवपुरी में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जिस समय की दरकार आमजन को वर्षो से थी लगता है कि वह समय आ चुका है। जब सिंधिया अपनों के बीच बैठ सीधा संवाद करेंगे। सेवा कल्याण की सियासत को आगे बढाने जिस तरह से उन्होंने गांव-गांव पैदलमार्च, विद्यालय-विद्यालय छात्रों से संवाद और सत्याग्रह के माध्यम से आमजन की समस्याओं के समाधान की शुरूआत कर यूं तो वह जब तब सार्वजनिक जीवन में आज की सियासत को नया संदेश देते रहे है। मगर जिस बात को लेकर सियासत गर्म रहती थी कि महाराज आमजन से सीधे नहीं मिल पाते और न ही आमजन सीधे महाराज को अपनी व्यथा बता पाते। मगर जो शुरूआत अब होने वाली है शिवपुरी के सर्किट हाउस से वह कितना आमजन को ढांढस बधा सिंधिया को समस्याओं के नये-नये स्वरूप और सियासत में आते बदलावों से अवगत करा पाती है यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल तो सिंधिया का संवाद आमजन के बीच शिवपुरी में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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