-अपील- -सभी प्रियजन सज्जन निश्चित रूप से लाॅकडाउन के दूसरे भाग को, सम्पूर्ण सफलता की ओर
-सभी प्रियजन सज्जन निश्चित रूप से लाॅकडाउन के दूसरे भाग को, सम्पूर्ण सफलता की ओर ले जाने के लिये कटिबद्ध है क्योंकि हमें कोरोना को समूल नष्ट कर अपनी सिद्धता सिद्ध करनी है। क्योंकि हम मानव, जीवन में निष्ठ है, खुद्धार, ईमानदार, अनुशासित है और यह हमारा मानवीय स्वभाव भी है। इसमें न तो किसी प्रियजन को और न ही स्वयं को, कोई संदेह होना चाहिए। -हम बहुमूल्य मानवीय जीवन में प्रमाणिक शास्त्रार्थ, आध्यात्म, विज्ञान और स्व-अनुशासन की जीती-जागती मिशाल है।
-क्योंकि हमारे महान पूर्वजों ने जीवन में कडी त्याग-तपस्या, कडा संघर्ष अनगिनत कुर्बानी दें असहनीय कष्ट सहकर हमें समृद्ध, स्वस्थ, खुशहाल जीवन की बहुमूल्य विरासत सौंपी है और यह हमारी जबावदेही भी है कि हम मौजूद अथवा आने वाली पीढी का जीवन स्वस्थ, समृद्ध, खुशहाल बनाने में अपना निष्ठापूर्ण कत्र्तव्य निर्वहन कर स्वयं के साथ मौजूद पीढी व आने वाली पीढी का जीवन सार्थक सफल बना उसे अपने प्रमाणिक पुरूषार्थ से सिद्ध करें।
-कोरोना से हम न तो घबरायें और न ही परेशान हो। क्योंकि हम सब एक दूसरे की मदद में तत्पर है और हमारे अपने ही कत्र्तव्यनिष्ठ लोग आज हमारे जीवन की रक्षा को लेकर निष्ठापूर्ण कत्र्तव्य निर्वहन में जुटे है। जिनका विश्वास आज भी सर्वकल्याण एवं स्वस्थ जीवन में है।
-मगर इस महामारी के प्रति हमारा सजग न रहना स्वयं तथा अपने परिजन, प्रियजनों के स्वस्थ समृद्ध जीवन के लिये घातक और खतरनाक साबित हो सकता है।
-ऐसे में हम सभी का कर्म और धर्म है कि कोरोना की महामारी से सभी को बचाने सुरक्षित रखने आज हमारे पास एक ही रास्ता और एक ही अचूक अस्त्र है और वह है सरकार, शासन से समय-समय पर मिलने वाले आदेश निर्देश तथा व्यक्ति से व्यक्ति की दूरी घरों से बाहर न निकलना मुंह पर मास्क, रूमाल, गमछा, तोलिया लगाना तथा जरूरत अनुसार बार-बार साबुन से लगभग 20-22 सेकेंण्ड तक ठीक से हाथ धोना या सेनेटाईजर का इस्तेमाल करना किसी अन्य व्यक्ति के संपर्क में न आना, जिससे हम अपने और अपने परिजन, प्रियजनों की कोरोना से रक्षा कर उसे परास्त कर सके और यह कोई बडा कार्य नहीं हम इसे कर सकते है और सभी का जीवन सुरक्षित हो, इस महा अभियान का भाग मानव होने के नाते हम बन सकते है। यहीं मानव जीवन की बडी कृतज्ञता होगी।
जय स्वराज
Comments
Post a Comment