सील, सप्लाई और सोशल डिस्टेंस को सुनिश्चित करती सत्तायें
व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
सीमाऐं सील, दवा, राशन, पेयजल सप्लाई के बाद सोशल डिस्टेंस के साथ रोजगार सुनिश्चित करने और मजदूरी के दौरान जीवन को सुरक्षित करने मास्क तथा हाथों को सेनेट्राइज व्यवस्था के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार की शुरूआत कोरोना से युद्ध में कितनी सार्थक होगी भविष्य के गर्भ में है। मगर म.प्र. में हालिया तौर पर एक लाख से अधिक कार्य सृजन किये गये है रोजगार के लिये तथा म.प्र. के ही शिवपुरी जिले में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में मनरेगा के तहत शुरू हुये आवास निर्माण, जल संरक्षण, मास्क और सेनेट्राइज के निर्माण के रोजगार इस बात के गवाह है कि कोरोना के कहर के बीच भीषण गर्मी में राशन के अलावा नगद राशि की भी प्रमाणिक सप्लाई सतत रहने वाली है, तो वहीं जिस तरह से म.प्र. के ही शिवपुरी जिले में पेयजल को लेकर पीएचई विभाग ने सोशल डिस्टेंस के साथ पेयजल प्राप्त करने की युति लगाई है वह भी दूरांचल ग्रामों खासकर हेण्डपम्पों से पेयजल व्यवस्था में दूर की कोणी साबित होने वाली है। देखना होगा कि भीषण गर्मी का दौर शुरू होने वाला है और लाॅकडाउन में भी 3 मई को क्या निर्णय होगा फिलहाल भविष्य के गर्भ में है। मगर सरकारों के नीतिगत निर्णय जमीनी स्तर पर कैसे सार्थक सिद्ध होंगे यह देखने वाली बात होगी।
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
सीमाऐं सील, दवा, राशन, पेयजल सप्लाई के बाद सोशल डिस्टेंस के साथ रोजगार सुनिश्चित करने और मजदूरी के दौरान जीवन को सुरक्षित करने मास्क तथा हाथों को सेनेट्राइज व्यवस्था के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार की शुरूआत कोरोना से युद्ध में कितनी सार्थक होगी भविष्य के गर्भ में है। मगर म.प्र. में हालिया तौर पर एक लाख से अधिक कार्य सृजन किये गये है रोजगार के लिये तथा म.प्र. के ही शिवपुरी जिले में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में मनरेगा के तहत शुरू हुये आवास निर्माण, जल संरक्षण, मास्क और सेनेट्राइज के निर्माण के रोजगार इस बात के गवाह है कि कोरोना के कहर के बीच भीषण गर्मी में राशन के अलावा नगद राशि की भी प्रमाणिक सप्लाई सतत रहने वाली है, तो वहीं जिस तरह से म.प्र. के ही शिवपुरी जिले में पेयजल को लेकर पीएचई विभाग ने सोशल डिस्टेंस के साथ पेयजल प्राप्त करने की युति लगाई है वह भी दूरांचल ग्रामों खासकर हेण्डपम्पों से पेयजल व्यवस्था में दूर की कोणी साबित होने वाली है। देखना होगा कि भीषण गर्मी का दौर शुरू होने वाला है और लाॅकडाउन में भी 3 मई को क्या निर्णय होगा फिलहाल भविष्य के गर्भ में है। मगर सरकारों के नीतिगत निर्णय जमीनी स्तर पर कैसे सार्थक सिद्ध होंगे यह देखने वाली बात होगी।

Comments
Post a Comment