कोरोना से आरपार की जंग के बीच कुछ यक्ष सवाल राष्ट्र, राज्य, जिला, नगर, कस्बा, सीमाऐं सील के साथ सीमाओं पर सुरक्षा, सेनेटाईजर, स्क्रीनिंग मशीन के साथ परिवहन, दवा, खाद्य, चिकित्सीय सेवा, पेयजल, सुरक्षा सामग्री, मास्क, केप, हेण्ड गिलेब्स, सेनेटाईजर और व्यक्ति से व्यक्ति ही दूरी के सामाजिक सिद्धान्त अनुसार घरों में रहना तथा सहज कुशल, अकुशल श्रमिक शिक्षितों को अस्थाई रोजगार एवं जीवन निर्वहन की दिनचर्या के साथ देश, राज्य, जिलों में मौजूद एवं संभावित संक्रमित मरीज या ऐरिया की यथा स्थिति के अलावा आबादी से दूर राष्ट्र, राज्य, जिला स्तर पर त्रिस्तरीय कोरोना चिकित्सीय सेन्टर की स्थापना जिससे राष्ट्र, राज्य और जिलों में कोरोना से आरपार की जंग में सुनिश्चित जीत की रणनीति स्पष्ट हो सके

व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
जब से कोरोना के कदम समूचे विश्व और खासकर हमारे भारतवर्ष में पडे है तभी से मौजूद जीवन हाल बेहाल बना हुआ है। कारण अभी तक दुनिया में कोरोना को हराने कोई कारगार दवा का न होना ऐसे में व्यक्ति से व्यक्ति की दूरी अर्थात सामाजिक दूरी और लाॅकडाउन पालन के साथ अपने-अपने घरों के अंदर रहकर कोरोना जैसी महामारी से आरपार की जंग के लिये जुटना यह भारतवर्ष के लिये एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है। मगर जिस तरह का धैर्य और सामर्थ देश के 130 करोड लोगों ने हमारे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दिखाया है वह काबिले गौर है। 
ये अलग बात है कि समूचे देश में लाॅकडाउन के अभी 21 दिन पूरे नहीं हुये है इस बीच भारत सरकार ने तमाम क्षेत्रों में जरूरती रियासतों के साथ लगभग 1 लाख 70 हजार करोड रूपये की व्यवस्था विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कोरोना से लडने रख छोडी है। मगर इस सबके के बावजूद जबकि हमारी सुरक्षा में मुस्तैद पुलिस, स्वास्थय कर्मी, सफाई कर्मी सभी सिपाही बनकर सडकों और चिकित्सालयों में दिन रात राष्ट्र और अपने नागरिकों की जान की रक्षा के लिये बहुमूल्य योगदान दे रहे है। ऐसे पुरूषार्थपूर्ण माहौल में कुछ यक्ष सवालों की समीक्षा होना लाजमी है। क्योंकि किसी भी मोर्चे पर जरा सी चूक बहुत बडा सरदर्द इस 130 करोड की आबादी वाले महान भारतवर्ष के लिये कलंकित करने वाला साबित हो सकती है। खासकर जब समूचे देश में लाॅकडाउन है ऐसे में राष्ट्र, राज्य, जिला, नगर, कस्बा की सीमाऐं सील होने के साथ सीमाआंे पर सुरक्षा बल, सेनेटाईजर स्क्रीनिंग के साथ त्रिस्तरीय देश में कंट्रोल रूम एवं बाररूम जो जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय एवं समस्या समाधान हेतु अलर्ट मोड पर रहें। इसके साथ ही राष्ट्र, राज्य और जिला स्तर पर रोजमर्रा की दवा,  चिकित्सीय सेवा, जरूरी खाद्य वस्तु, पेयजल, सुरक्षा बल तथा सुरक्षा सामग्री, मास्क, केप, हेड गिलेब्स, सेनेटाईजर के साथ व्यक्ति से व्यक्ति अर्थात सामाजिक दूरी के सिद्धांत अनुसार रोजगार सृजन तथा जीवन निर्वहन की दिनचर्या में व्यक्ति से व्यक्ति और सामाजिक दूरी के सिद्धान्त का पालन इसके अलावा देश, राज्य, जिला स्तर पर चिन्हित संक्रमित एरिया और संभावित तथा मौजूद संक्रमित मरीजों की संख्या तथा आबादी से दूर जिला, राज्य और राष्ट्र स्तर पर अलग से स्थित या संभावित त्रिस्तरीय कोरोना चिकित्सा सेन्टरों की समीक्षा जिससे आने वाले समय की रणनीति निर्धारित करने में हमारी सत्ता और सरकारों को सहुलियत हो सके। जब तक हम और हमारी सरकारें, सत्ता, शासन कोरोना की चेन तोडने सीमाऐं सील, लाॅकडाउन व्यक्ति से व्यक्ति सामाजिक दूरी और घरों में रहकर कोरोना की चेन तोडने के प्रभावी प्रयासों के साथ आम नागरिक की जरूरत अनुसार चिकित्सीय सेवा, दवा, खाद्न्न सामग्री, पेयजल, सुरक्षा, सुरक्षा सामग्री, अस्थाई सहज सामाजिक दूरी सिद्धान्त आधारित तथा अलग से कोरोना सेन्टरों की शुरूआत कर आम नागरिक की सप्लाई लाईन मजबूत नहीं कर लेते तब तक भय और संदेह का माहौल बना रहेगा। बेहतर हो कि हम और हमारी सरकारें सत्ता शासन समय रहते इस विपदा की घडी में एक साथ खडे हो कोरोना को हराने में जुट जाये। जिससे जीत सुनिश्चित कर इस महान भारतवर्ष को गौरान्वित किया जा सके। 

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