20 लाख करोड के सार्थक परिणाम, पुराने सडे सिस्टम से नहीं, नई लाईन से प्राप्त होंगे परिणाम बडे बदलाव के लिये उठाने होंगे बडे कदम दिशा-दशा तय करने उत्पादन, मांगपूर्ति तो ज्वलन्त विषय है ही, लेकिन रैपलेसमेंट तकनीक हो सकती है सार्थी सहज अवसर की दरकार
व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
कोरोनाकाल के बीच 20 लाख करोड के आर्थिक पैकेज का बडा बूस्टर निश्चित ही जीवन से जूझती जिन्दगियों के लिये बडा मददगार कहा जा सकता है। मगर इसकी सफलता का आधार रेपलेसमेंट तकनीक के साथ सहज अवसर ही हो सकते है। मगर जब तक राज्य सरकारें केन्द्र सरकार की भांति अभूतपूर्व निर्णयों की साक्षी नहीं बनती, तब तक सारे प्रयास निरथक ही कहे जायेंगे। आज जरूरत पुरानी पाईप लाईन से लोगों तक राहत पहुंचाने की नहीं। अब्बल देश से 133 जिलों को सामने रख उनके प्रकृति अनुरूप संसाधन और उत्पादन के साथ उनके बाजार बढाने की है। मगर यह तभी संभव है जब सरकारें अपने स्थापित व्यवस्थागत अक्स से बाहर निकल जनआकांक्षाओं को अंजाम तक पहंुचाने निहित स्वार्थो को दरकिनार कर सार्थक प्रयास करे।
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
कोरोनाकाल के बीच 20 लाख करोड के आर्थिक पैकेज का बडा बूस्टर निश्चित ही जीवन से जूझती जिन्दगियों के लिये बडा मददगार कहा जा सकता है। मगर इसकी सफलता का आधार रेपलेसमेंट तकनीक के साथ सहज अवसर ही हो सकते है। मगर जब तक राज्य सरकारें केन्द्र सरकार की भांति अभूतपूर्व निर्णयों की साक्षी नहीं बनती, तब तक सारे प्रयास निरथक ही कहे जायेंगे। आज जरूरत पुरानी पाईप लाईन से लोगों तक राहत पहुंचाने की नहीं। अब्बल देश से 133 जिलों को सामने रख उनके प्रकृति अनुरूप संसाधन और उत्पादन के साथ उनके बाजार बढाने की है। मगर यह तभी संभव है जब सरकारें अपने स्थापित व्यवस्थागत अक्स से बाहर निकल जनआकांक्षाओं को अंजाम तक पहंुचाने निहित स्वार्थो को दरकिनार कर सार्थक प्रयास करे।
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