चाकचैबंद हुई स्वास्थ्य सेवायें 3 हजार का अमला दे रहा है सेवायें
व्ही.एस.भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
अगर बात म.प्र. के शिवपुरी जिले की करें तो लगभग 18 लाख की आबादी वाले इस जिले में संक्रमितों की संख्या फिलहाल तीन ही रही है। मगर जिस तरह से जिला मुख्यालय स्थित इकलौते जिला चिकित्सालय में अपनी व्यवस्थायें कोरोना महामारी के साथ सामान्य मरीजों को देखने अलग-अलग सुनिश्चित की है वह काबिले गौर है। अगर यो कहे कि जिला चिकित्सालय में दो सेल बनाये गये है और अस्पताल में जाने का रास्ता एक जो फुल प्रूफ सेनेट्राई व्यवस्था के साथ स्क्रीनिंग का कार्य भी किया जा रहा है जो शिवपुरी के लोगों के लिये राहत की बात होना चाहिए।
ये अलग बात है कि पूर्व की भांति डाॅक्टरों की कमी आज भी जिला चिकित्सालय उतनी ही है जितनी पूर्व में हुआ करती थी अब जबकि कोरोना संकट चल रहा है। ऐेसे में म.प्र. सरकार उनके मंत्री, मुख्यमंत्री को चाहिए जब प्रदेश में अन्य काम अवरूद्ध पडे है ऐसें में चिकित्सकों की भर्ती अविलंम करनी चाहिए जिससे कि लोगों को चिकित्सीय सलाह सुविधा जिला चिकित्सालय ही नहीं दूर-सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी उपलब्ध हो सके इसके लिये सरकार चाहे तो ऐलोपैथिक, आयुवेर्दिक और होम्योपैथिक डिग्री प्राप्त चिकित्सकों की म.प्र. में कोई कमी नहीं और यह सरकार का राजधर्म है कि वह महासंकट के दौर में लोगों के जानमाल की रक्षा हेतु कम से कम सलाह सेवा के लिये अस्थाई सही कम से कम चिकित्सक तो उपलब्ध कराये।
जय स्वराज
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
अगर बात म.प्र. के शिवपुरी जिले की करें तो लगभग 18 लाख की आबादी वाले इस जिले में संक्रमितों की संख्या फिलहाल तीन ही रही है। मगर जिस तरह से जिला मुख्यालय स्थित इकलौते जिला चिकित्सालय में अपनी व्यवस्थायें कोरोना महामारी के साथ सामान्य मरीजों को देखने अलग-अलग सुनिश्चित की है वह काबिले गौर है। अगर यो कहे कि जिला चिकित्सालय में दो सेल बनाये गये है और अस्पताल में जाने का रास्ता एक जो फुल प्रूफ सेनेट्राई व्यवस्था के साथ स्क्रीनिंग का कार्य भी किया जा रहा है जो शिवपुरी के लोगों के लिये राहत की बात होना चाहिए। ये अलग बात है कि पूर्व की भांति डाॅक्टरों की कमी आज भी जिला चिकित्सालय उतनी ही है जितनी पूर्व में हुआ करती थी अब जबकि कोरोना संकट चल रहा है। ऐेसे में म.प्र. सरकार उनके मंत्री, मुख्यमंत्री को चाहिए जब प्रदेश में अन्य काम अवरूद्ध पडे है ऐसें में चिकित्सकों की भर्ती अविलंम करनी चाहिए जिससे कि लोगों को चिकित्सीय सलाह सुविधा जिला चिकित्सालय ही नहीं दूर-सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी उपलब्ध हो सके इसके लिये सरकार चाहे तो ऐलोपैथिक, आयुवेर्दिक और होम्योपैथिक डिग्री प्राप्त चिकित्सकों की म.प्र. में कोई कमी नहीं और यह सरकार का राजधर्म है कि वह महासंकट के दौर में लोगों के जानमाल की रक्षा हेतु कम से कम सलाह सेवा के लिये अस्थाई सही कम से कम चिकित्सक तो उपलब्ध कराये।
जय स्वराज
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