व्यापाम से कलंकित प्रदेश में 12वीं परीक्षा क्रूर सोच की पराकाष्ठा

वीरेन्द्र शर्मा
विलेज टाइम्स समाचार सेवा। 
कोरोना के कहर के बीच व्यापाम से कलंकित प्रदेश में 12वीं की परीक्षा भले ही शुरू हो, खत्म हो जायेगी। मगर क्रूर सोच की पराकाष्ठा का परिणाम सिद्ध करने परीक्षा कराने का निर्णय काफी है। हो सकता है कि निर्णयकर्ताओं के लिये यह गर्व और गौरव की बात भविष्य में साबित हो, जो वह कोरोनाकाल में कोरोना से बचने घरों में बैठे परीक्षार्थियों को निकालने में कामयाब रहे। हो सकता है कि परीक्षा निर्णय के पीछे निर्णयकर्ताओं की अपनी सार्थक सोच हो। मगर जिस तरह से कोरोनाकाल में नौनिहालों को परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचाने जो जोखिम लिया गया है वह कितना सार्थक सिद्ध होगा यह तो फिलहाल भविष्य के गर्भ में है। मगर जो तारीख कोरोनाकाल में परीक्षा कराने को लेकर लिखी गई है इतिहास उसे किस रूप में लेगा यह तो आने वाला समय ही तय करेगा। 

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