मंत्री मंडल विस्तार पर फिलहाल विराम-से चर्चाओं का दौर सरगर्म क्या म.प्र. में बडे बदलाव की संभावना
वीरेन्द्र शर्मा
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
जिस गर्मजोशी के साथ मंत्री मंडल विस्तार की सुगबुगाहट शुरू हुई थी मगर हालिया खबरों से लगता है कि फिलहाल मंत्री मंडल विस्तार पर विराम लग चुका है। जिससे मंत्री बनने की उम्मीद लगाये बैठे लोग हैरान-परेशान है। ये अलग बात है कि संभावनाओं का समुद्र अपार है जिससे जहां यह चर्चा भी बडी सरगर्म है कि सत्ताधारी दल का जोर उपचुनाव में सरकार के समर्थन लायक विधायकों की जीत को लेकर ज्यादा है। जिससे सियासी संतुलन बना रहे है। जिससे सरकार पर दल बदलकर भाजपा में आये लोग भाजपा पर दबाव भी न रख सके और सरकार भी पूरे बहुमत के साथ अपने शेष कार्यकाल का सफर र्निविघन रूप से तय कर सके। अगर वर्तमान सरकार का सहज नेतृत्व समस्या समाधान खोजने में असफल हुआ तो निश्चित ही कोई बडा बदलाव सत्ता को लेकर आने वाले भविष्य में साकार हो इस संभावना से इंकार भी नहीं किया जा सकता। अब ऐसे में सत्य क्या है यह तो सरकार के मुखिया या सत्ताधारी दल के कर्ता-धर्ता ही जाने, फिलहाल तो संभावनाओं का सियासी बाजार बडा ही सरगर्म है।
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
जिस गर्मजोशी के साथ मंत्री मंडल विस्तार की सुगबुगाहट शुरू हुई थी मगर हालिया खबरों से लगता है कि फिलहाल मंत्री मंडल विस्तार पर विराम लग चुका है। जिससे मंत्री बनने की उम्मीद लगाये बैठे लोग हैरान-परेशान है। ये अलग बात है कि संभावनाओं का समुद्र अपार है जिससे जहां यह चर्चा भी बडी सरगर्म है कि सत्ताधारी दल का जोर उपचुनाव में सरकार के समर्थन लायक विधायकों की जीत को लेकर ज्यादा है। जिससे सियासी संतुलन बना रहे है। जिससे सरकार पर दल बदलकर भाजपा में आये लोग भाजपा पर दबाव भी न रख सके और सरकार भी पूरे बहुमत के साथ अपने शेष कार्यकाल का सफर र्निविघन रूप से तय कर सके। अगर वर्तमान सरकार का सहज नेतृत्व समस्या समाधान खोजने में असफल हुआ तो निश्चित ही कोई बडा बदलाव सत्ता को लेकर आने वाले भविष्य में साकार हो इस संभावना से इंकार भी नहीं किया जा सकता। अब ऐसे में सत्य क्या है यह तो सरकार के मुखिया या सत्ताधारी दल के कर्ता-धर्ता ही जाने, फिलहाल तो संभावनाओं का सियासी बाजार बडा ही सरगर्म है।
Comments
Post a Comment