न स्थानानांतरण, न ही निलंबन, सीधे बर्खास्त अव्यवस्थाओं से विचलित मुखिया की मातहतों को ताकीत कोताही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं

वीरेन्द्र शर्मा
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
अगर दिग दर्शन को छोड सोशल मीडिया दर्शन पर दर्शन देती खबरें सत्य है तो फिलहाल म.प्र. की चैथी मर्तवा कमान संम्हालने वाले म.प्र. के मुख्यमंत्री ने मातहतों को स्पष्ट ताकीत की है और उनके एक्सन मोड में साफ नजर भी आता है कि वह कोताही बर्तने वाले नहीं है। किसी भी व्यक्ति को अब बख्शने वाले नहीं। निलंबन से लेकर स्थानानातंरण और अब तो सेवा समाप्ति के कदम ने मुखिया की मंशा को साफ कर दिया है कि वह अब जो भी आदेश-निर्देश के माध्यम से सेवा कल्याण और अनुशासन के साथ आम जनता के साथ सद व्यवहार चाहते है वह प्रतीक मात्र न हो, बल्कि प्रमाणिक हो। ये अलग बात है कि स्थानानांतरण न ही निलंबन बल्कि सीधी सेवाऐं समाप्त के निर्णय ने फिलहाल मातहतों को सनाके में डाल रखा है। देखना होगा कि मुखिया की यह मंशा भविष्य में कितनी कारगार सिद्ध हो पाती है।  

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