कोरोना विस्फोट से दहशत में लोग संक्रमितों ने पकडी रफ्तार

वीरेन्द्र शर्मा

विलेज टाइम्स समाचार सेवा।

कोरोना के कारगर इलाज के आभाव में भले ही लोग जीवन बचाने संघर्षरत हो, मगर संक्रमितों की बढती रफ्तार लोगों को दहशत जदा करने काफी है। विश्व में संक्रमितों का आंकडा जहां 2 करोड के पार जा पहुंचा है तो वहीं भारत की बढती संक्रमित संख्या ने आंकडा 30 लाख के पार कर दिया है। मगर इस बीच एक छोटा-सा शहर भी जहां फिलहाल आंकडा एक हजार के पार हो चुका है, तो वहीं शिवपुरी के अलावा समूचे ग्वालियर-चंबल संभाग में भी संक्रमितों की संख्या बडी ही तेजी के साथ बढ रही है जहां आने वाले समय में राजनैतिक दलों की वर्चुअल रैलियां, जनसंपर्क और सदस्यता अभियान को देखकर लगता है कि जल्द ही चुनाव भी होने वाले है। मगर यक्ष सवाल आज भी कोरोना के 7 माह के सफर के बाद जस का तस आम लोगों के सामने है कि कैसे होगा कोरोना का सफाया और कैसे रूके संक्रमितों की रफ्तार। 

ये अलग बात है कि फिलहाल पुख्ता प्रमाणिकता के साथ यह कोई नहीं कह सकता कि इसकी कारगार दवा क्या है और बढती संक्रमितों की संख्या पर विराम कैसे लगेगा। सिवाये इस संभावना के, कि मौजूद सत्ता और सिस्टम जिसके कंधो पर लोगों के जीवन रक्षा की जबावदेही है वहीं कुछ करें। कभी-कभी एक और सवाल जब लोगांे को बहुत परेशान कर देता है जब लोग कहते है कि जनता को सजग और स्वतः ज्ञान के आधार पर समस्याओं का निदान ढूंढना चाहिए। शायद यहीं वह चोर रास्ता है जहां से जबावदेह लोग अपनी जबावदेही से मुंह फेर अपने निष्ठापूर्ण कत्र्तव्य निर्वहन का प्रदर्शन पूरी निष्ठा के साथ करते नहीं थकते। बहरहाल जिस तरह से संक्रमितों की संख्या कारगर इलाज के आभाव में भगवान भरोसे बढ और घट रही है इसका भविष्य क्या होगा यह तो ऊपर वाला ही जाने। अगर आज भी आम नागरिक इस महामारी से नहीं चेते और उसने अपने जीवन निर्वहन में स्वस्थ जीवन की सावधानियों को अंगीकार नहीं किया जो हमारी विरासत में मिली महान संस्कृति का भाग था तो आने वाला समय काफी संकटग्रस्त रहने वाला है।

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