खतरनाक जौन में गुडफील का एहसास
वीरेन्द्र शर्मा
विलेज टाइम्स समाचार सेवा।
कोरोना कहर हो या आसन्न उपचुनाव जिसको लेकर जिस तरह से सियासी दल और संभावित प्रत्याशी तथा झुण्ड बनाकर अपने-अपने पक्ष में मतदाताओं को करने में जुटे नेतागण भले ही गुडफील मेहसूस कर रहे हो और भावी संभावनाओं के रथ पर सवार हो चक्रवती सम्राट होने की प्रतिस्पर्धा में जुटे हो। मगर इन सिद्ध पुरूषों की समृद्ध संभावनाऐं किस तरह से सिद्ध होंगी यह देखने वाली बात होगी। यूं तो ग्वालियर चंबल ही नहीं मालवा सहित कई विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है जिनकी तैयारियां जोरों पर है। मगर कोरोना कहर के बीच जिस तरह से वर्चुअल बैठकों सहित अपने-अपने स्तर पर जनसंपर्क का अभियान छिडा है उसे लेकर भले ही लोग दहशत में हो, मगर चुनाव जीतने के लिए फिलहाल तो सियासी लोगों की बांछे खिली है। तो वहीं सत्ताधारी दल और विपक्षी दल के लिए फील गुड के बीच जो खतरनाक जौन साबित हो रहे है उनमें एक दूसरे पर कीचड उछाल आरोप-प्रत्यारोपों के बीच विकास और वोट के लिए वहलाने की चर्चाऐं खासी सरगर्म है। देखना होगा कि समय रहते सदबुद्धि के चलते किसे जीत की सिद्धता हासिल होती है।

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