इतिहास दोहराता सिंधिया परिवार मूर्तरूप लेता भगवान लक्ष्मीनारायण और नवगृह का निर्माणाधीन दिव्य-भव्य मंदिर

वीरेन्द्र शर्मा

विलेज टाइम्स समाचार सेवा।

जैसा कि म.प्र. के शिवपुरी जिले में विगत वर्षो से सैकडो की तादाद में मंदिरों का जीर्णोद्धार हुआ और शिवपुरी का प्राचीन शिव मंदिर सिद्धेश्वर, गौरखनाथ मंदिर सहित गरूण गोविंद मंदिरों का जीर्णोद्वार हुआ है इसी तारतम्य में सिंधिया स्टेट की ग्रीष्म कालीन राजधानी कही जाने वाली शिवपुरी शहर के बीचों-बीच भगवान लक्ष्मीनारायण मंदिर और नवगृह मंदिर का जीर्णोद्धार चल रहा है। राजमाता विजयाराजे सिंधिया थीम रोड से सटे इन भव्य-दिव्य मंदिरों का कार्य जहां दिन-रात चल रहा है, तो वहीं थीम रोड का कार्य भी गति पकडता दिखाई दे रहा है। ज्ञात हो कि जहां तक मंदिर निर्माण और रख-रखाव का सवाल है तो यह क्रम सिंधिया परिवार की चैथी-पांचवी पीढी से अनवरत जारी है जिसको प्रथम स्वरूप देने का काम सिंधिया स्टेट की राजमाता जीजाबाई ने शुरू किया, जिनके समय में बाणगंगा पर गणेश मंदिर तथा छत्री प्रांगण में भगवान कृष्ण और भगवान राम का मंदिर सैकडों वर्षो से स्थापित है। मगर एक लंबे अंतराल बाद फिर शुरूआत म.प्र. शासन की मंत्री श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया ने मंदिरों के जीर्णोद्धार की है वह अभी भी अनवरत जारी है। जब इन भव्य-दिव्य मंदिरों का निर्माण पूरा होगा, तो निश्चित ही एक ऐतिहासिक धार्मिक स्थल के रूप में इन्हें मान्यता मिलना स्वभाविक है। जो शिवपुरी के लिए एक बडी उपलब्धि होगी। देखना होगा कि इनका जीर्णोद्धार कार्य कब तक पूर्ण हो पाता है। 

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